
जयपुर, 24 नवंबर। देश के युवा खेल प्रतिभाओं को निखारने वाली पांचवीं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स (KIUG) का शुभारंभ आज सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS स्टेडियम) में शाम 6 बजे धूमधाम से होगा। राजस्थान सरकार और खेल प्राधिकरण ऑफ इंडिया (SAI) के सहयोग से आयोजित इस मेगा इवेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करते हुए देशभर से करीब 5,000 एथलीट्स 230 से अधिक विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख भाई मांडलिया, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के आतिथ्य में होगा।
24 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा
यह आयोजन राजस्थान के सात शहरों—जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और बीकानेर—में 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा मल्टी-सिटी खेल आयोजन होगा।
यह संस्करण 24 खेलों में मुकाबले देखेगा, जिसमें कनोइंग, कयाकिंग, साइक्लिंग और बीच वॉलीबॉल जैसी नई अनुशासन शामिल हैं, जबकि खो-खो को प्रदर्शन इवेंट के रूप में पेश किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक प्रदर्शनों के साथ-साथ एथलीट्स की प्रेरणादायक परेड होगी, जो राजस्थान की समृद्ध विरासत और खेल उत्साह को दर्शाएगी। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा, “यह गेम्स भारत के उभरते खेल सितारों का उत्सव है, जो वैश्विक चैंपियनों को गढ़ने में मदद करेगा।”

जयपुर में बेडमिंटन (सवाई मानसिंह स्टेडियम इंडोर हॉल), आर्चरी (जगतपुरा आर्चरी रेंज) और शूटिंग (जगतपुरा शूटिंग रेंज) के मुकाबले प्रारंभ होंगे। ओलंपियन तैराक श्रीहरि नटराज (जैन यूनिवर्सिटी) छह स्विमिंग इवेंट्स में उतरेंगे, जबकि प्रसिद्ध धनुर्धर भजन कौर भी मैदान में दिखेंगी। नटराज ने कहा, “KIUG उभरते तैराकों के लिए शानदार मंच है, जहां एशियाई स्तर के खिलाड़ी एक-दूसरे से भिड़ते हैं।”
राजस्थान के खेल मंत्री कर्नल राजयवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, “यह आयोजन राज्य की आतिथ्य और खेल भावना को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। हम ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट्स की मेजबानी के लिए तैयार हो रहे हैं।” पिछले महीने आमेर फोर्ट में आयोजित लॉन्च इवेंट में गेम्स के लोगो, मस्कॉट्स ‘खम्मा-घणी’, टॉर्च, जर्सी और राष्ट्रगान का अनावरण किया गया था, जो राजस्थान की गर्मजोशी और लचीलापन दर्शाते हैं।
खेलो इंडिया पहल के तहत अब तक 20 संस्करण आयोजित हो चुके हैं, जो युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाने का माध्यम बने हैं। यह गेम्स न केवल मेडल्स की होड़ होगी, बल्कि सांस्कृतिक एकता और खेल विकास का प्रतीक भी साबित होगी।