जयपुर। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को जयपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक की। यह बैठक विधानसभा के आगामी बजट सत्र (28 जनवरी 2026 से शुरू) से ठीक पहले हुई थी। बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत और विधायी फैसले लिए गए, जिनमें हाई-टेक इंडस्ट्री, निवेश आकर्षण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े बड़े निर्णय शामिल हैं।
प्रमुख फैसले –
अशांत क्षेत्रों (Disturbed Areas) में संपत्ति हस्तांतरण पर रोक और किरायेदारों के अधिकारों की सुरक्षा
कैबिनेट ने “The Rajasthan Prohibition of Transfer of Immovable Property and Provision for Protection of Tenants from Eviction from Premises in Disturbed Areas Bill, 2026” के ड्राफ्ट को मंजूरी दी। हिंसा, दंगा या जनसांख्यिकीय असंतुलन (improper clustering) वाले क्षेत्रों को “अशांत” घोषित किया जा सकेगा।
ऐसे क्षेत्रों में अचल संपत्ति (जमीन-मकान) की खरीद-बिक्री पर 3 साल तक रोक लग सकती है।
स्थायी निवासियों की संपत्तियों की रक्षा और किरायेदारों को जबरन बेदखली से बचाने का प्रावधान।
यह बिल बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
(यह फैसला गुजरात मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस ने इसे राजनीतिक और असंवैधानिक करार दिया है।)
राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-
प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर नीति को मंजूरी। चिप डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर उत्पादन और संबंधित हाई-टेक निवेश को बढ़ावा। कंपनियों को कैपिटल सब्सिडी, रियायतें और अन्य प्रोत्साहन मिलेंगे। राजस्थान को सेमीकंडक्टर हब बनाने का लक्ष्य, रोजगार सृजन पर फोकस।
राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी-
एयरोस्पेस, रक्षा विनिर्माण और सर्विस सेक्टर में नई नीति को अनुमोदन। हवाई जहाज (एयरक्राफ्ट) निर्माण, एवियोनिक्स, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स आदि क्षेत्रों में निवेश।
आईटीआई और इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षण, 50% लागत रीइंबर्समेंट।
विशेष रियायतें और प्रोत्साहन देकर राजस्थान को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय गिव अप अभियान (खाद्य सुरक्षा से जुड़ा) और ग्राम उत्थान शिविर (23 जनवरी से शुरू)। ग्रीन क्रेडिट योजना (उद्यमों और शहरी निकायों के लिए)। राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये तय।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश और नवाचार को बढ़ावा।
ग्रामीण विकास, पंचायती राज और अन्य सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े एजेंडे पर चर्चा।
बैठक के बाद मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सुमित गोदारा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी दी। ये निर्णय राजस्थान में हाई-टेक निवेश, रोजगार सृजन और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर केंद्रित हैं।