
बेगूसराय, 2 नवंबर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने रविवार को बिहार के बेगूसराय जिले के एक ग्रामीण इलाके में मछुआरा समुदाय के सैकड़ों सदस्यों से सीधी मुलाकात की। लगभग दो घंटे चली इस संवादात्मक बैठक में समुदाय के लोगों ने अपनी दैनिक चुनौतियों, जल संसाधनों पर अतिक्रमण, मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों पर सरकारी पाबंदियां, बाजार पहुंच की कमी तथा सरकारी योजनाओं से वंचित रहने जैसे गंभीर मुद्दों को विस्तार से रखा।
धैर्यपूर्वक हर व्यक्ति की बात सुनी
श्री गांधी ने धैर्यपूर्वक हर व्यक्ति की बात सुनी और मौके पर ही कुछ मामलों में त्वरित हस्तक्षेप का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मछुआरा समुदाय बिहार की अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ है। आपकी मेहनत से नदियां जीवंत रहती हैं, लेकिन आपकी मेहनत का उचित सम्मान नहीं मिल रहा। कांग्रेस इस अन्याय को खत्म करने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।
”मुकेश सहनी ने उठाए स्थानीय मुद्देविकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री श्री मुकेश सहनी भी इस मुलाकात में विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री सहनी, जो स्वयं मल्लाह समुदाय से आते हैं, ने गंगा और कोसी नदी के किनारे बसे मछुआरों की स्थिति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण, अवैध रेत खनन और बांधों से पानी का अनियमित प्रवाह मछलियों की प्रजातियों को खतरे में डाल रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका संकट में है।श्री सहनी ने कहा, “मैं राहुल जी का आभारी हूं कि उन्होंने हमारे समुदाय की पुकार सुनी। अब जरूरत है ठोस नीतिगत बदलाव की। मछुआरों को जल संसाधनों पर प्राथमिक अधिकार, सब्सिडी युक्त नाव-जाल और कोआपरेटिव मार्केटिंग की।
मछुआरा समुदाय के प्रतिनिधियों ने रखीं ये मांगें
- गंगा-कोसी में मछली पकड़ने के लिए 5 किमी का संरक्षित जोन घोषित करना।
- मत्स्य पालन सहकारी समितियों को सीधे बैंक लोन और बीमा कवर।
- प्रदूषण नियंत्रण के लिए नदियों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अनिवार्य करना।
- मछुआरा बच्चों के लिए अलग छात्रवृत्ति और कौशल प्रशिक्षण केंद्र।
- मत्स्य बीज बैंक और कोल्ड स्टोरेज सुविधा ग्राम पंचायत स्तर पर।
श्री गांधी ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित कदम उठाने का वादा किया
- बिहार कांग्रेस एक ‘मत्स्य अधिकार मंच’ गठित करेगी, जिसमें मछुआरा नेता शामिल होंगे।
- आगामी विधानसभा सत्र में विशेष प्रस्ताव लाकर मछुआरा समुदाय के लिए अलग बजट प्रावधान की मांग।
- केंद्र सरकार से गंगा जल प्रदूषण पर तत्काल सर्वे कराने का दबाव।
- स्थानीय स्तर पर १५ दिनों में जिला प्रशासन के साथ संयुक्त सर्वेक्षण।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बिहार में २०२५ के विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ रही है। मछुआरा-मल्लाह समुदाय राज्य की लगभग 18 -20 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। कांग्रेस की यह सक्रियता एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए नई चुनौती पैदा कर रही है।ज्ञातव्य है कि श्री गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के बाद बिहार में उनकी यह तीसरी बड़ी जन-संपर्क पहल है। इससे पहले वे दलित बस्तियों और किसान समुदायों से भी मिल चुके हैं।