दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन’
कोयंबटूर, 19 नवंबर । पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में ‘दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन’ का भव्य उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती केंद्र और विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया तथा किसानों से सीधा संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी में पहुंचकर प्राकृतिक खेती के मॉडल, जैविक उत्पाद और किसानों द्वारा विकसित नवाचारों को करीब से देखा। उन्होंने किसानों से बातचीत करते हुए उनकी मेहनत और रचनात्मकता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अपने संबोधन में श्री मोदी ने कहा,
“भारत प्राकृतिक खेती का वैश्विक केंद्र बनेगा। हमारी मिट्टी, हमार पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक शोध और सरकार का पूरा समर्थन — इन चार स्तंभों पर खड़ी यह क्रांति आने वाले दिनों में दुनिया को रास्ता दिखाएगी।”
उन्होंने बताया कि पिछले साल शुरू हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन से अब तक लाखों किसान जुड़ चुके हैं। तमिलनाडु में भी 35,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक और जैविक खेती हो रही है।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त भी जारी की, जिससे देशभर के 9.4 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में कुल 18,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए।
हालांकि कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही। राज्य सरकार की ओर से कृषि मंत्री एम.आर.के. पनीरसेल्वम ने हिस्सा लिया।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के इस मेगा आयोजन में देशभर से हजारों किसान, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ शामिल हुए। प्रधानमंत्री का यह दौरा दक्षिण भारत में रासायनिक मुक्त खेती से मुक्ति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।