
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकेंड वन’ का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने व्यक्तिगत भावुकता से भगवान बुद्ध के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की और कहा कि बौद्ध विरासत से जुड़ना उनके लिए सौभाग्य की बात रही है। पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, “मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूं, क्योंकि भगवान बुद्ध का मेरे जीवन में बहुत ही गहरा स्थान रहा है। मेरा जन्म जिस वडनगर में हुआ, वो बौद्ध शिक्षा का बहुत बड़ा केंद्र था। जिस भूमि पर भगवान बुद्ध ने प्रथम उपदेश दिए, वो सारनाथ आज मेरी कर्मभूमि है।”
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक बौद्ध स्थलों से जुड़ना भी उनके लिए सौभाग्य रहा है।125 साल बाद भारत लौटी विरासतपिपरहवा अवशेष 1898 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में खुदाई के दौरान मिले थे।
ये अवशेष प्राचीन कपिलवस्तु से जुड़े माने जाते हैं, जहां भगवान बुद्ध ने बचपन बिताया। औपनिवेशिक काल में ये विदेश ले जाए गए और करीब 125 साल बाद भारत लौटे हैं।
पीएम मोदी ने गोडरेज ग्रुप का धन्यवाद दिया, जिनकी मदद से इनकी नीलामी रोकी गई और भारत लौटाए गए। प्रदर्शनी में ये अवशेष राष्ट्रीय संग्रहालय और भारतीय संग्रहालय की सामग्री के साथ प्रदर्शित हैं।
भारत बौद्ध विरासत का संरक्षक और वाहकपीएम मोदी ने कहा कि भारत न केवल भगवान बुद्ध की विरासत का संरक्षक है, बल्कि उनकी परंपराओं का जीवंत वाहक भी है। सरकार बौद्ध स्थलों के विकास और संरक्षण पर जोर दे रही है:वडनगर में स्टेट-ऑफ-द-आर्ट एक्सपीरियंशियल म्यूजियम विकसित।
बोधगया में कन्वेंशन सेंटर और मेडिटेशन सेंटर।
सारनाथ में धमेक स्तूप पर लाइट एंड साउंड शो और बुद्ध धम्म पार्क। अन्य स्थल जैसे कुशीनगर, श्रावस्ती, संची आदि में आधुनिक सुविधाएं। नेपाल और म्यांमार में भी बौद्ध स्थलों की बहाली में मदद।
पीएम ने कहा कि भगवान बुद्ध का ज्ञान और मार्ग पूरी मानवता के लिए है। उनके पवित्र अवशेष केवल पुरातात्विक वस्तुएं नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं।प्रदर्शनी की खासियतसांची स्तूप से प्रेरित मॉडल में अवशेष प्रदर्शित।
बुद्ध के जीवन, कला और वैश्विक प्रसार पर अलग-अलग सेक्शन।
लाखों श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
यह कार्यक्रम 2026 की शुरुआत में बौद्ध विरासत से जुड़ा पहला बड़ा आयोजन है। पीएम मोदी ने कामना की कि भगवान बुद्ध के आशीर्वाद से नया साल शांति और सद्भाव लेकर आए।पीएम मोदी प्रदर्शनी उद्घाटन के दौरान पिपरहवा अवशेष और प्रदर्शनी हॉलवडनगर का बौद्ध म्यूजियम और सारनाथये तस्वीरें खबर की गहराई को दर्शाती हैं!