
नई दिल्ली, 14 दिसंबर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए बिहार सरकार के मंत्री और पटना की बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति रविवार को पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा ली गई और तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली था, और नितिन नबीन नए अध्यक्ष के चुनाव तक पार्टी की कमान संभालेंगे। 45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बन गए हैं।
नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र नितिन –वे बिहार के दिग्गज भाजपा नेता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं और कायस्थ समुदाय से आते हैं। बिहार की नीतीश कुमार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में अपनी सक्रियता के लिए जाने जाने वाले नबीन ने छात्र राजनीति से शुरुआत की थी। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे और बाद में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय महासचिव तथा बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
छत्तीसगढ़ और सिक्किम जैसे राज्यों में पार्टी के प्रभारी के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा, “नितिन नबीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे युवा और मेहनती नेता हैं, जिनके पास समृद्ध संगठनात्मक अनुभव है। उनकी ऊर्जा और समर्पण से पार्टी और मजबूत होगी।
” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई।यह नियुक्ति BJP की ‘नेक्स्ट जनरेशन लीडरशिप’ तैयार करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन की युवा उम्र, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया। वे जल्द ही पूर्ण राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं, जिससे बीजेपी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पार्टी पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी चुनावों (जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, असम) के लिए नई ऊर्जा मिलेगी। नितिन नबीन ने नियुक्ति पर कहा, “मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं। बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक BJP को और मजबूत बनाने का प्रयास करूंगा। सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम करेंगे।”यह कदम बीजेपी को संगठनात्मक रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।