जयपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन केंद्र स्थापित करने की पहल शिक्षा के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
पायलट ने कहा कि राज्य में सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं, बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बजाय सरकार नए राजनीतिक मुद्दे खड़े कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है, तब सरकार की प्राथमिकता मराठी अध्ययन केंद्र खोलना क्यों है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहल राज्यपाल के निर्देश पर शुरू की गई है, लेकिन इससे शिक्षा व्यवस्था की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उनके अनुसार, सरकार को पहले शिक्षकों की भर्ती, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों के संसाधनों में सुधार तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
शिक्षा मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप-सचिन पायलट ने शिक्षा मंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में बदले की भावना से तबादले किए जा रहे हैं और प्रशासनिक फैसलों में निष्पक्षता का अभाव है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से चलेगा तो इसका सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों और शिक्षकों को होगा।
सरकार हर मोर्चे पर विफल-पायलट ने दावा किया कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, पेयजल और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा कि जनता जिन उम्मीदों के साथ सरकार को सत्ता में लाई थी, वे पूरी नहीं हुई हैं और सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
मराठी अध्ययन केंद्र पर बढ़ा राजनीतिक विवाद-विश्वविद्यालयों में मराठी अध्ययन केंद्र स्थापित करने की पहल अब राजस्थान की राजनीति में नया विवाद बन गई है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार शिक्षा की वास्तविक चुनौतियों को नजरअंदाज कर प्रतीकात्मक फैसलों पर जोर दे रही है, जबकि भाजपा का कहना है कि विभिन्न भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों के अध्ययन को बढ़ावा देना राष्ट्रीय एकता और शैक्षणिक विस्तार का हिस्सा है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर राजनीति नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और प्रभावी फैसलों की आवश्यकता है।





