चमोली, 14 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक 9 मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि कई श्रमिक घायल हुए हैं। सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रातभर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
हादसा मायापुर-हाट क्षेत्र में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। बताया जा रहा है कि शाम के समय सुरंग के भीतर अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा भर गया। इससे वहां काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और कई श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए।
कई मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली गई। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती चरण में 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाए गए श्रमिकों में कुछ को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
बचाव अभियान के दौरान सुरंग के अंदर पानी और मलबे की बड़ी मात्रा मौजूद होने के कारण राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। एनडीआरएफ की टीमों ने पानी निकालने और मलबा हटाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।
सुरंग में फंसे श्रमिकों की तलाश जारी
अधिकारियों के अनुसार कुछ श्रमिकों के अभी भी सुरंग में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर उनकी तलाश कर रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने घटनास्थल पर निगरानी बढ़ा दी है और बचाव अभियान को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया स्थिति का जायजा
हादसे की सूचना मिलने के बाद उत्तराखंड सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए अधिकारियों को प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और बचाव अभियान को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माणाधीन परियोजना में हुआ हादसा
यह परियोजना क्षेत्र की महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार परियोजना का निर्माण कार्य काफी आगे बढ़ चुका है। हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माणाधीन सुरंगों में श्रमिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने पर है।


