पुणे, 12 अगस्त। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य को देश का प्रमुख ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब बनाने की दिशा में बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को पुणे में कहा कि राज्य को केवल मुंबई, नवी मुंबई और पुणे तक सीमित न रखते हुए दूसरे शहरों में भी GCC का मजबूत इकोसिस्टम विकसित करना होगा। सरकार ने 400 नए GCC केंद्र स्थापित करने, करीब 4 लाख हाई-स्किल नौकरियां पैदा करने और लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है।
मुंबई-पुणे से आगे बढ़ेगा GCC नेटवर्क
फडणवीस ने कहा कि GCC के विकास के लिए महाराष्ट्र को बहु-शहर मॉडल पर काम करना होगा। उन्होंने नासिक, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों को अगली पीढ़ी के GCC केंद्रों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। उनके मुताबिक इन शहरों में अपेक्षाकृत कम लागत वाला इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और नए निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं।
चार लाख हाई-स्किल नौकरियों का लक्ष्य
राज्य सरकार की योजना के तहत नए GCC केंद्रों के जरिए करीब 4 लाख उच्च-कौशल वाली नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। GCC अब केवल बैक-ऑफिस या सपोर्ट गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, रिसर्च और इनोवेशन जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में भी काम कर रहे हैं।
सरकार का मानना है कि महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में GCC का विस्तार होने से स्थानीय युवाओं के लिए उनके अपने शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बड़े महानगरों पर रोजगार का दबाव भी कम होगा।
50 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर नजर
महाराष्ट्र ने GCC क्षेत्र से 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य भी रखा है। सरकार इसके लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी, कौशल विकास, शिक्षा और कारोबार के लिए अनुकूल नीतियों पर जोर दे रही है।
शहरों को उनकी विशेषज्ञता के हिसाब से विकसित करने की योजना
सरकार की रणनीति प्रत्येक शहर को उसकी उपलब्ध क्षमताओं के अनुसार विकसित करने की है। मुंबई और पुणे पहले से वित्तीय सेवाओं, आईटी और टेक्नोलॉजी के बड़े केंद्र हैं, जबकि नागपुर, नासिक और छत्रपति संभाजीनगर जैसे शहरों में नए क्षेत्रों के लिए संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जा रहा है। इससे राज्य में रोजगार और निवेश का भौगोलिक विस्तार हो सकता है।
शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
फडणवीस ने यह भी रेखांकित किया कि GCC के विस्तार के लिए केवल कार्यालय और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करना जरूरी है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था और उद्योग की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।



