
तिरुवनंतपुरम, 13 दिसंबर 2025। केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा नीत एनडीए ने इतिहास रच दिया है। राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में एनडीए ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया, जिससे 45 साल पुराने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के अटूट शासन का अंत हो गया। 101 वार्डों वाले निगम में एनडीए ने 50 सीटें जीतीं, जबकि एलडीएफ को 29 और कांग्रेस नीत यूडीएफ को 19 सीटें मिलीं। दो सीटें निर्दलीयों के खाते में गईं।
इस जीत के साथ तिरुवनंतपुरम को केरल का पहला भाजपा मेयर मिलने वाला है। पूर्व डीजीपी और केरल की पहली महिला आईपीएस अधिकारी आर श्रीलेखा ने सस्थमंगलम वार्ड से जीत हासिल की है और वे मेयर पद की प्रबल दावेदार हैं। भाजपा ने उन्हें ही इस पद के लिए प्रोजेक्ट किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को “केरल की राजनीति में वाटरशेड मोमेंट” करार दिया और कहा कि लोग विकास के लिए एनडीए को विकल्प मान रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी भाजपा की “ऐतिहासिक प्रदर्शन” को स्वीकार किया। राज्यभर में यूडीएफ ने मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन राजधानी में भाजपा का उभार 2026 विधानसभा चुनावों के लिए बड़ा संकेत है।

केरल में भाजपा की यह सबसे बड़ी सफलता है, जो राज्य की पारंपरिक द्विध्रुवीय राजनीति को चुनौती दे रही है। तिरुवनंतपुरम अब विकास और पारदर्शिता की नई मिसाल बनेगा!
