- साढ़े पाँच वर्ष की अबोध बालिका से जघन्य अपराध करने वाले दरिंदे को आजीवन कठोर कारावास और ₹50,000 जुर्माने की सज़ा
जयपुर 13 नवंबर। झुंझुनूं पुलिस ने एक जघन्य अपराध के मामले में केस ऑफिसर स्कीम के तहत त्वरित और दृढ़ कार्यवाही करते हुए पीड़िता को मात्र छह माह की अवधि में न्याय दिलाया है। पुलिस की तत्परता और न्यायालय की त्वरित सुनवाई के परिणामस्वरूप साढ़े पाँच वर्ष की अबोध बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले अपराधी को माननीय न्यायालय ने आजीवन कठोर कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही 16 दिन में अनुसंधान पूर्ण
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में थानाधिकारी पुलिस थाना बुहाना के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्यवाही की।
परिवादिया ने रिपोर्ट पेश की कि उनकी बेटी घर पर खेल रही थी, तभी रवि कुमार ऊर्फ कालिया निवासी घसेडा बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ गलत काम किया। अभियोग दर्ज होने के तुरंत बाद थानाधिकारी उमराव जाट की टीम ने मुल्जिम रवि कुमार ऊर्फ कालिया को तत्काल गिरफ्तार किया।
टीम ने पीड़िता का मेडिकल मुआयना करवाया, घटनास्थल का निरीक्षण किया और मोबाइल फोरेंसिक यूनिट की मदद से भौतिक एवं जैविक साक्ष्य एकत्रित किए। सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर ठोस और कड़ीबद्ध साक्ष्यों का संकलन किया गया। पुलिस ने मात्र 16 दिनों की रिकॉर्ड अवधि में अनुसंधान पूर्ण करते हुए 17 मई, 2025 को न्यायालय में चालान पेश कर दिया।
केस ऑफिसर स्कीम के तहत शीघ्र ट्रायल
पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम के तहत चिह्नित किया गया और थानाधिकारी बुहाना को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया। केस ऑफिसर ने माननीय न्यायालय द्वारा जारी सम्मनों की तुरंत तामील सुनिश्चित करवाई, जिससे सभी गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित हुई और गवाहों के बयान तुरंत लेखबद्ध किए जा सके।
पुलिस की इस दृढ़ पहल का परिणाम यह रहा कि मात्र छह माह की अवधि में ट्रायल पूर्ण हुआ। माननीय पॉक्सो कोर्ट, झुंझुनूं ने अपने निर्णय 30 अक्टूबर 2025 के द्वारा अभियुक्त रवि कुमार ऊर्फ कालिया को आजीवन कठोर कारावास और 50,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया।