
नई दिल्ली जैसलमेर। दिल्ली के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का शुभारंभजैसलमेर, 29 नवंबर: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शनिवार को जैसलमेर से दिल्ली के बीच नई रेल सेवा का उद्घाटन किया। इस नई ट्रेन को स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस नाम दिया गया है। दोनों मंत्रियों ने समारोह के दौरान इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान कराया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क होगा मजबूत
इस नई ट्रेन सेवा के शुरू होने से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क को मजबूत करने के साथ ही यात्रियों को दिल्ली के लिए दैनिक कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन सेवा न केवल यात्रियों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र में स्थित रक्षा प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 55,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में कार्यान्वित हो रही हैं।रेल मंत्री ने बताया कि अनूपगढ़-बाड़मेर रेल गलियारे सहित कई नई रेल परियोजनाओं पर तेजी से कार्य चल रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमावर्ती जिलों में रेल नेटवर्क का विस्तार करना और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में राजस्थान के लिए रेलवे का आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 से पहले राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 680 करोड़ रुपये का आवंटन मिलता था, जो वर्तमान में बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया है।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि दिल्ली से जैसलमेर के बीच दैनिक ट्रेन सेवा के शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा। जैसलमेर सर्दी के मौसम में पर्यटकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य है और बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से दिल्ली के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर दूसरा प्रवेश द्वार और कोचिंग डिपो के विस्तार का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे भविष्य में अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा। इसके अलावा, जैसलमेर स्टेशन का हाल ही में 140 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है। राज्य में कुल 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 85 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण कार्य भी चल रहा है।