
जयपुर, 29 दिसंबर 2025। अरावली पर्वत श्रृंखला की पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीमों ने अरावली क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस कार्रवाई में दो एक्सकवेटर मशीनों सहित कुल 16 वाहनों को जब्त किया गया, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
खनिज अभियंता श्याम चौधरी ने बताया कि संयुक्त टीमों ने समन्वित कार्रवाई करते हुए अवैध खनन और परिवहन में इस्तेमाल हो रही भारी मशीनरी तथा वाहनों को जब्त किया। कार्रवाई विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई।
पुलिस थाना खोड़ा विश्ल क्षेत्र के ग्राम बावड़ी, तहसील कालवाड़ में चूनाई पत्थर के अवैध खनन के दौरान मौके से दो एक्सकवेटर मशीनें और तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं।इसके अलावा शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में बजरी के अवैध परिवहन में शामिल एक डंपर तथा चूनाई पत्थर के अवैध परिवहन में प्रयुक्त दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी गईं। गलता गेट थाना क्षेत्र में चूनाई पत्थर का अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और खोड़ा विश्ल थाना क्षेत्र में बजरी का अवैध परिवहन करते एक अन्य ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त किया गया।
जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कहा कि अरावली की नाजुक पारिस्थितिकी को बचाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से अवैध खनन में लिप्त माफिया पर नकेल कसी जा सकेगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
यह अभियान राज्य सरकार के उस बड़े विशेष अभियान का हिस्सा है, जो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर अरावली क्षेत्र के 20 जिलों में 29 दिसंबर से शुरू हुआ है। इस अभियान में खान, राजस्व, पुलिस, परिवहन और वन विभाग की टीमें शामिल हैं, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगा।अरावली पर्वतमाला राजस्थान की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और इसके संरक्षण के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है बल्कि जल संरक्षण और जैव विविधता को भी खतरे में डालता है। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।