February 1, 2026

नई दिल्ली। भारत सरकार लंबे समय से 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की ओर बढ़ने की बात कर रही है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात इस राह को कठिन बनाते दिख रहे हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक यह लक्ष्य हासिल होना मुश्किल नजर आ रहा है।

बता दें कि थिंक टैंक के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में भारत का कुल निर्यात लगभग स्थिर रह सकता है और इसके 850 अरब डॉलर के आसपास सिमटने की संभावना है, जो तय लक्ष्य से करीब 150 अरब डॉलर कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक मांग की सुस्ती और बढ़ती संरक्षणवादी नीतियां भारतीय निर्यात पर दबाव बना रही हैं।

GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि इस समय निर्यात में असली सहारा सेवाओं के क्षेत्र से मिल रहा है। उनका मानना है कि सेवाओं का निर्यात 400 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है, जबकि वस्तु निर्यात में लगभग कोई बढ़ोतरी नहीं दिख रही है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, अगर भारत अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ बड़े व्यापार समझौते सफलतापूर्वक कर पाता है, तो स्थिति बदल सकती है। हालांकि, श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे समझौते अगले साल से पहले संभव नहीं लगते हैं।

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