
अहमदाबाद। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को तापी जिले की उच्छल तहसील के माणेकपुर गांव में प्राकृतिक खेती को समर्पित एक किसान के खेत का अवलोकन किया। ग्रामीण परिवेश की आत्मीयता और प्रकृति के साथ जुड़ाव का अनुभव करते हुए हल चलाया और बैलगाड़ी पर भी हाथ आजमाया।
उन्होंने सोशल पोस्ट में लिखा -प्राकृतिक खेती केवल एक कृषि पद्धति नहीं, बल्कि यह धरती माता के प्रति कृतज्ञता का भाव है। जब किसान अपनी मिट्टी, जल और पर्यावरण की रक्षा करता है, तभी समाज को शुद्ध अन्न, शुद्ध विचार और स्वस्थ जीवन मिलता है।
उन्होंने कहा कि यह देखकर हर्ष हुआ कि हमारे किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति गहरी जागरूकता और समर्पण की भावना बढ़ रही है। यही भावना एक स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की नींव बनेगी।