
मुंबई/नागपुर, 29 अक्टूबर। महाराष्ट्र की सियासत में हलचल तेज हो गई है। प्रहार जनशक्ति पार्टी (पीजेएस) के नेता और पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। यह मुलाकात नागपुर में किसानों के उग्र आंदोलन के बीच हुई, जहां कडू ने पूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर ‘महा एल्गार मॉर्चा’ का नेतृत्व किया था।
मुलाकात के बाद कडू ने कहा कि सरकार से सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन किसानों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस घटना ने सत्ताधारी महायुति गठबंधन (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) में सियासी अटकलों को जन्म दे दिया है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर।
कडू ने फडणवीस को किसानों की प्रमुख मांगें बताईं—सोयाबीन के लिए 6,000 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), हर फसल पर 20% बोनस, और पूर्ण कर्ज माफी।
कडू ने बताया, “सीएम ने आश्वासन दिया कि संवाद से समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। लेकिन हमारी मांगें पूरी न होने पर ट्रेनें रोकने का फैसला लिया गया था, जो अब टल सकता है।
फडणवीस ने मुलाकात के बाद कहा, “कडू ने पहले बैठक में भाग लेने का वादा किया था, लेकिन बाद में कैंसिल कर दिया। अब हम संवाद के जरिए किसानों की मदद करेंगे। आंदोलन से जनता को परेशानी न हो।”यह मुलाकात बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच के आदेश के ठीक बाद हुई, जहां अदालत ने वार्डा रोड पर धरना हटाने का निर्देश दिया था। हजारों किसानों ने नागपुर-हैदराबाद नेशनल हाईवे (एनएच-44) को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे यातायात ठप हो गया। कडू ने कहा, “हाईकोर्ट का आदेश मानेंगे, लेकिन सरकार को समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।