
ढाका/नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2025 । बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख खालिदा जिया का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे 80 वर्ष की थीं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर घोषणा की कि खालिदा जिया का निधन सुबह करीब 6 बजे, फज्र की नमाज के तुरंत बाद हुआ। पार्टी ने बयान में कहा:”BNP की चेयरपर्सन और पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय नेता बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6 बजे निधन हो गया।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन। हम उनकी रूह की मगफिरत की दुआ करते हैं और सभी से अपील करते हैं कि उनकी रूह के लिए दुआ करें।”
खालिदा जिया लंबे समय से बीमार थीं। वे 23 नवंबर 2025 से ढाका के एवरकेयर अस्पताल में भर्ती थीं, जहां फेफड़ों में संक्रमण, निमोनिया, हृदय और लीवर की गंभीर समस्याओं के कारण उनका इलाज चल रहा था। वे वेंटिलेटर पर थीं और कई अंगों की विफलता से जूझ रही थीं।
राजनीतिक जीवन और विरासत- खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। उन्होंने 1991-1996 और 2001-2006 में दो बार प्रधानमंत्री का पद संभाला।
उनके पति जियाउर रहमान (बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति) की 1981 में हत्या के बाद उन्होंने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की कमान संभाली और सैन्य शासन के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया।
शेख हसीना के साथ उनकी लंबी राजनीतिक दुश्मनी बांग्लादेश की सियासत को परिभाषित करती रही। दोनों को मिलाकर “बैटल ऑफ बेगम्स” कहा जाता था।
2018 में भ्रष्टाचार के आरोप में जेल हुईं, लेकिन 2024 में हसीना सरकार गिरने के बाद रिहा हुईं। 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सभी मामलों में बरी कर दिया था, जिससे वे आगामी चुनाव लड़ सकती थीं।
शोक संदेश- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया: “खालिदा जिया के निधन से गहरा दुख पहुंचा। भारत-बांग्लादेश संबंधों में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।” अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने उन्हें “राष्ट्र की महान संरक्षक” बताया।निर्वासित पूर्व पीएम शेख हसीना ने भी शोक जताया और उनके लोकतंत्र स्थापना में योगदान को सराहा।
पाकिस्तान, चीन और अन्य देशों ने भी संवेदना व्यक्त की।