
दिल्ली सरकार ने 36 आश्रितों को सौंपे सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र

नई दिल्ली, 13 दिसंबर। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में एक भावुक समारोह में 1984 के सिख विरोधी दंगों से प्रभावित 36 परिवारों के आश्रितों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कदम चार दशकों से न्याय और सम्मान की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “ये नियुक्तियां केवल रोजगार नहीं हैं, बल्कि उन हजारों परिवारों की गरिमा, अधिकारों और पहचान की औपचारिक स्वीकृति हैं, जो दशकों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।”
उन्होंने 1984 के दंगों को देश के इतिहास का एक काला अध्याय बताया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। सीएम ने अपनी बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि उस समय का भय और हिंसा आज भी याद आती है।
ये नियुक्तियां विभिन्न विभागों में मल्टी-टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) पदों पर हैं। इससे पहले 19 आश्रितों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जिससे कुल 55 परिवारों को लाभ मिला है। कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, जो खुद सिख समुदाय से हैं, ने इसे पीड़ितों के गहरे घावों पर मरहम बताया।
उन्होंने कहा कि यदि मूल आश्रित अब बुजुर्ग हैं, तो उनके बच्चों को नौकरी का विकल्प दिया गया है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।एक पीड़िता मनजीत कौर ने भावुक होकर कहा, “41 साल बाद न्याय मिला है। रेखा गुप्ता जी ने हमारे वादे निभाए। यह नौकरी हमारे लिए बहुत मायने रखती है।” अन्य लाभार्थियों ने भी सरकार की इस पहल को सराहा और इसे नई उम्मीद का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शेष पात्र परिवारों को भी शीघ्र नौकरी दी जाएगी। यह कदम दिल्ली सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को रेखांकित करता है। 1984 के दंगे, जो इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे, में हजारों सिखों की जान गई थी और कई परिवार बेघर हो गए थे। यह पहल उन घावों को भरने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो पीड़ितों को सम्मानजनक जीवन और नई शुरुआत प्रदान कर रही है।