March 13, 2026

4 दिसम्बर तक होगा ईएफ वितरण और संग्रहण कार्य

श्रीगंगानगर, 30 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के द्वितीय चरण का शुभारंभ 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में किया गया है। इसमें राजस्थान भी शामिल है। इस संदर्भ में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. मंजू की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। इससे कोई भी पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं रहे। भारत के संविधान द्वारा मतदाता के लिए पात्रता निर्धारित की गई है। इसके अनुसार व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए। वह 18 वर्ष से अधिक आयु का हो। निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी हो। वह व्यक्ति किसी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण में 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग की जा रही है। इसके तहत राज्य में अब तक लगभग 70 प्रतिशत से अधिक भौतिक मैपिंग पूर्ण हो चुकी है। बीएलओ ऐप के माध्यम से 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक एवं 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के 27 प्रतिशत से अधिक निर्वाचकों की मैपिंग की गई है। जबकि ईसीआईनेट पर मतदाताओं की कुल मैपिंग 52 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है। इसी अनुपात में जिले में भी कार्य हुआ है।
बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत निर्वाचन विभाग द्वारा प्रत्येक मतदाता के लिए परिगणना प्रपत्र (ईएफ) तैयार किए जा रहे हैं। इनमें मतदाता के वर्तमान मतदाता सूची में दर्शाए गए आवश्यक विवरण शामिल होंगे। इसमें मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या आदि पूर्व मुद्रित रहेगा। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को परिगणना प्रपत्र वितरित करेंगे। बीएलओ 2002 की मतदाता सूची के अनुसार मतदाता को अपने नाम अथवा अपने रिश्तेदार के नाम के साथ मिलान एवं लिंक करने में सहयोग करेंगे। परिगणना प्रपत्र में मतदाता की पुरानी फोटो पूर्व मुद्रित रहेगी। इसके पास मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो परिगणना प्रपत्र पर चिपकानी होगी।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://election.rajasthan.gov.in  के सिटिजन सेन्टर कॉर्नर से मतदाता सूचियों देखी जा सकती है। पूर्व में की गई एसआईआर के सम्पूर्ण भारतवर्ष के डाटा वेबसाइट https://voters.eci.gov.in  पर उपलब्ध कराए गए है। यहां मतदाता 2002 की राजस्थान की मतदाता सूची एवं अन्य राज्यों की सूचियाँ भी देख सकते हैं। बीएलओ भरे हुए परिगणना प्रपत्र मतदाताओं से प्राप्त कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी (एईआरओ) को जमा कराएंगे। बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर तीन बार जाएंगे तथा उन्हें परिगणना प्रपत्र भरने में सहायता करेंगे। इसे मतदाता अपने स्तर पर ऑनलाईन भी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार वर्तमान में कोई भी दस्तावेज मांगे जाने की आवश्यकता परिगणना चरण के दौरान नहीं होगी। परिगणना प्रपत्र जमा कराने वाले समस्त मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल होंगे। गणना पूर्ण होने के पश्चात विगत एसआईआर से मिलान या लिंकिंग नहीं होने वाले मतदाताओं को ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा नोटिस जारी किया जाकर पात्रता की जांच की जाएगी। इसी के आधार पर पात्र नागरिकों के नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएंगे। साथ ही अपात्र पाए गए व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने पर मतदाता जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर सकते हैं। इसके निर्णय के विरूद्ध अपील की सुनवाई मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण में राजनीतिक दलों एवं उनके प्रतिनिधियों की विशेष भूमिका है। सभी राजनीतिक दलों को अपने बूथ लेवल एजेंट शीघ्र नियुक्त करना चाहिए। इन्हें आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित भी किया जाएगा। बीएलए मतदाताओं तक विशेष गहन पुनरीक्षण की जानकारी पहुँचाने, जनजागरण करने एवं मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहयोग देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बीएलए प्रतिदिन 50 परिगणना प्रपत्र प्रमाणित कर बीएलओ को जमा करवा सकते हैं।
 उन्होंने बताया कि 3 नवम्बर तक प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्र के मुद्रण का कार्य होगा। इसके उपरांत 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक घर-घर गणना प्रपत्र के वितरण एवं संग्रहण का कार्य होगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रारूप का प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। 9 दिसम्बर से 9 जनवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियां ली जायेगी। 9 दिसम्बर से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस फेज रहेगा, जिसमें सुनवाई एवं सत्यापन कार्य किया जायेगा। इसके उपरांत 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जायेगा। ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए अनुपस्थित, स्थानान्तरित, मृत एवं डुप्लीकेट नामों की सूची निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। इसके बाद नागरिक अपने नाम जुड़वाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 की मतदाता सूची से मिलान एवं लिंक से वंचित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्वाचक के रूप में उनकी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सांकेतिक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। अंतिम एसआईआर से पहले उनके पूर्व निवास का पता लगाने के लिए सुनवाई होगी। ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा दावों एवं आपत्तियों को प्राप्त कर उन पर निर्णय लिया जाएगा। कोई भी मतदाता अथवा बीएलए दावा एवं आपत्ति दर्ज कर सकता है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के उपरांत 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को एसआईआर प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे गणना प्रपत्र अवश्य भरें और मतदाता सूची में अपनी जानकारी की पुष्टि करें।
इसके पश्चात राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदान केन्द्रों के सुव्यवस्थीकरण के संबंध में जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में 255 नये मतदान केन्द्र स्थापित करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 तक सीमित की गई है। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सुभाष कुमार, गंगानगर एसडीएम श्री नयन गौतम, भारतीय जनता पार्टी से श्री आशुतोष गुप्ता, आईएनसी से श्री भीमराज डाबी, आम आदमी पार्टी से श्री शंकर मेघवाल, बीएसपी से श्री भजन सिंह घारू, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से श्री विजय रेवाड़ सहित अन्य मौजूद रहे।

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