February 1, 2026

बीजेपी अध्यक्ष का तंज – ‘लालू जी, परिवार बचाइए’

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को मिली करारी हार ने न सिर्फ पार्टी को हिला दिया है, बल्कि लालू प्रसाद यादव के परिवार में भी गहरी दरार पैदा कर दी है। चुनाव नतीजों के ठीक एक दिन बाद, यानी 15 नवंबर को लालू की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक चौंकाने वाला पोस्ट किया।

रोहिणी आचार्य ने रविवार को एक्स पर एक और पोस्ट कर हलचल मचा दी है। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा, “कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया , गंदी गालियाँ दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी।

उन्होंने राजनीति छोड़ने के साथ-साथ अपने परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।रोहिणी आचार्य का बयान- ‘मेरा कोई परिवार नहीं, संजय-रमीज पर गंभीर आरोप’रोहिणी आचार्य, जो 2022 में पिता लालू प्रसाद यादव को अपनी किडनी दान करके उनकी जान बचाने के लिए जानी जाती हैं, ने अपने पोस्ट में लिखा: “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं।”

बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने और सनसनीखेज खुलासे किए। रोहिणी ने कहा, “मेरा कोई परिवार नहीं है। जब आप संजय यादव और रमीज का नाम लेते हैं, तो आपको घर से निकाल दिया जाता है, बेइज्जत किया जाता है, गालियां दी जाती हैं और यहां तक कि चप्पल से मारा भी जाता है।”

उन्होंने अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगियों पर परिवार से निकाले जाने का आरोप लगाया। रोहिणी ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ उनके बयानों से कुछ लोग नाराज हो गए, जिसके चलते उन्होंने आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

संजय यादव आरजेडी के एक प्रमुख नेता हैं, जबकि रमीज उनके करीबी माने जाते हैं। रोहिणी का यह बयान परिवार के आंतरिक कलह को उजागर करता है, जहां पहले लालू ने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से दूर कर दिया था।रोहिणी सिंगापुर में रहती हैं और बिहार की राजनीति में कभी-कभी सक्रिय रहती थीं। उनके इस फैसले से आरजेडी में असंतोष की लहर दौड़ गई है। पार्टी कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं, और रोहिणी का बयान इस असंतोष को हवा दे रहा है।
लालू जी, परिवार बचाइए’


बिहार बीजेपी अध्यक्ष का तीखा तंज: ‘लालू जी, परिवार बचाइए’रोहिणी के बयान पर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे लालू परिवार का निजी मामला बताते हुए कहा, “यह लालू यादव के परिवार का आपसी मामला है। मैं यह अनुरोध करूंगा कि परिवार बिखरना नहीं चाहिए।”

जायसवाल ने आगे तंज कसते हुए कहा, “परिवारों का बिखरना अच्छा संकेत नहीं है। अगर किसी एक व्यक्ति की वजह से परिवार में दरार पड़ रही है, तो यह ठीक नहीं। लालू जी, परिवार बचाइए।” बीजेपी नेता ने रोहिणी के किडनी दान का जिक्र करते हुए दुख जताया कि जो बेटी ने पिता की जान बचाई, आज परिवार से अलग हो रही है।

जायसवाल का यह बयान विपक्षी दल के लिए एक राजनीतिक मौका बन गया है, जहां वे आरजेडी की आंतरिक कमजोरी को उजागर कर रहे हैं।अन्य दलों की प्रतिक्रिया: जेडीयू का ‘धृतराष्ट्र’ वाला तंजजनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने भी इस मुद्दे पर लालू परिवार पर निशाना साधा।

पार्टी नेता नीरज कुमार ने कहा, “रोहिणी आचार्य एक बेटी हैं जिसने अपने पिता की जान बचाई। बेटी लक्ष्मी होती है, उसका अपमान करना हमारी परंपरा का हिस्सा नहीं रहा है। लालू यादव और राबड़ी देवी इस पर चुप क्यों हैं? पहले तेज प्रताप की पत्नी ऐश्वर्या के साथ हुआ और अब रोहिणी के साथ। ये आंसू लालू यादव को बहुत महंगे पड़ेंगे।”
जेडीयू का यह बयान एनडीए की जीत के बाद आरजेडी को और घेरने की रणनीति का हिस्सा लगता है।चुनाव परिणाम और परिवारिक पृष्ठभूमिबिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे 14 नवंबर को घोषित हुए थे, जिसमें एनडीए ने शानदार जीत हासिल की।
आरजेडी महागठबंधन के हिस्से के रूप में महज 25 सीटों तक सिमट गई, जो 2020 की तुलना में बड़ी गिरावट है। तेजस्वी यादव को ‘फेलस्वी’ बताकर रोहिणी ने पहले ही आलोचना की थी, जो अब परिवारिक टूटन में बदल गई है। लालू परिवार पहले से ही विवादों में रहा है।

तेज प्रताप की शादी के बाद उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय से रिश्ते टूट गए थे, और अब रोहिणी का फैसला इसे नया मोड़ दे रहा है। लालू फिलहाल पुराने सलाहकारों से मिलकर स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आरजेडी में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह भी लंबे समय से सक्रिय नहीं दिख रहे।

रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने पर क्यो बोल थरूर?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बेटी और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के फैसले पर वह टिप्पणी नहीं करना चाहते।

थरूर ने बताया कि उन्होंने बिहार में चुनाव प्रचार नहीं किया और वहां की जमीन की वास्तविकता नहीं देखी। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सभी को यह समझना चाहिए कि क्या गलत हुआ और मुद्दे क्या थे, ताकि सही निष्कर्ष निकाले जा सकें।

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