
पहले चरण की वोटिंग शुरू
पटना, 6 नवंबर 2025 । बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का महासमर आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग जारी है, जहां 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। प्रदेश में 9 बजे तक 13.13 फीसदी मतदान हुआ है ।
मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें
लोकतंत्र के इस पर्व में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें लगी नजर आ रही हैं, खासकर युवा और महिला मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है। वोटिंग शाम 5 से 6 बजे तक चलेगी, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों में समय थोड़ा कम रखा गया है।
यह चरण बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यहां एनडीए (भाजपा-जद(यू)-लोजपा) और महागठबंधन (राजद-कांग्रेस-वाम दलों) के बीच कड़ा मुकाबला है। जन सुराज पार्टी के प्राशांत किशोर भी मैदान में हैं।
कुल 243 सीटों वाले बिहार में यह चुनाव दो चरणों में हो रहा है—पहला आज (6 नवंबर) और दूसरा 11 नवंबर को। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।
प्रमुख उम्मीदवारों की नजरें राघोपुर से मोकामा तक
पहले चरण में कई हाई-प्रोफाइल चेहरे मैदान में हैं। महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव राघोपुर से, उनके भाई तेजप्रताप यादव महुआ से, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर से, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा आंबा से और भाजपा की सांस्कृतिक चेहरा मैथिली ठाकुर अलीनगर से चुनाव लड़ रही हैं। इसके अलावा 16 मंत्री, 9 बाहुबली नेता जैसे अनंत सिंह (मोकामा) और ओसामा शहाब (रघुनाथपुर) की किस्मत भी दांव पर है।
राघोपुर: तेजस्वी यादव (राजद) बनाम एनडीए उम्मीदवार। यादव परिवार का गढ़ माना जाता है।
महुआ: तेजप्रताप यादव (जेजेडी) बनाम संजय सिंह (लोजपा)।
मोकामा: वीणा देवी (राजद) बनाम अनंत सिंह (निर्दलीय)।
तारापुर: सम्राट चौधरी (भाजपा) बनाम अरुण शाह (राजद)।
अलीनगर: मैथिली ठाकुर (भाजपा) बनाम राजद का पारंपरिक दबदबा।
ये सीटें 2020 में महागठबंधन के पास 63 थीं, जबकि एनडीए को 58 मिली थीं। इस बार वोटर लिस्ट में विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद 68.5 लाख नाम हटे और 21.5 लाख नए जुड़े, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे।
वोटिंग का माहौल: पिंक बूथ से लीची थीम तक
सुबह से ही ग्रामीण इलाकों में 36,733 बूथों पर भीड़ उमड़ी है। मुजफ्फरपुर का लीची थीम वाला बूथ आकर्षण का केंद्र बना, जहां मतदाताओं ने सेल्फी लेते हुए वोट डाला। महिलाओं के लिए ‘पिंक बूथ’ पर महिलाएं ही ड्यूटी पर हैं, जो महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बने। पटना के वेटरनरी कॉलेज बूथ पर लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी और उनकी पत्नी राजश्री ने वोट डाला। तेजस्वी ने कहा, “बदलाव जरूरी है, बिहार जीतेगा।” सम्राट चौधरी ने मुंगेर में वोट डालते हुए विकास की बात की।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लखीसराय से पहला वोट डाला, जबकि चिराग पासवान ने एनडीए की जीत का दावा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपील की, “पहले मतदान, फिर जलपान। युवाओं को बधाई!” राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सतर्क रहने को कहा।
सुरक्षा और चुनौतियां: ईवीएम गड़बड़ी से लेकर बूथ विवाद
45,341 बूथों पर 90,712 मतदान केंद्रों में कड़ी सुरक्षा है—243 पर्यवेक्षक, वेबकैमिंग और घोड़ों से निगरानी।
कुछ जगहों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतें आईं, जैसे पटना के दीघा में 20 मिनट की देरी। एक महिला को बूथ पर रोकने से विवाद हुआ। दियारा क्षेत्रों में नाव और घोड़ों से पहरा। कुल 7.42 करोड़ मतदाताओं में 3.92 करोड़ पुरुष और 3.5 करोड़ महिलाएं हैं।
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता पर जोर दिया है, लेकिन प्रचार के आखिरी दिन हिंसा (जैसे दुलारचंद यादव की हत्या) और ‘जंगलराज’ की बहस ने माहौल गरमा दिया। एनडीए महिलाओं और युवाओं पर फोकस कर रहा है, जबकि महागठबंधन बेरोजगारी और पलायन पर है ।