
जयपुर, 30 अगस्त 2025 । राजस्थान में यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जयपुर-गुड़गांव नेशनल हाईवे (NH-48) पर स्थित तीन टोल प्लाजा से बैरियर हटाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस कदम से यात्रियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
चिह्नित टोल प्लाजा
जानकारी के अनुसार, NH-48 पर शाहजहांपुर, मनोहरपुर, और दौलतपुरा टोल प्लाजा को इस योजना के लिए चिह्नित किया गया है। इन टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोल कलेक्शन सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसमें GPS-आधारित तकनीक का उपयोग होगा। इस सिस्टम के तहत वाहनों को बिना रुके टोल शुल्क स्वचालित रूप से वसूला जाएगा, जिससे यात्रा सुगम होगी।
क्यों उठा यह कदम?
NH-48, जो दिल्ली को मुंबई से जोड़ता है, देश का एक व्यस्ततम राजमार्ग है। शाहजहांपुर, मनोहरपुर, और दौलतपुरा टोल प्लाजा पर चरम समय में 45 मिनट तक का जाम लग जाता है, जबकि सामान्य समय में भी 15-20 मिनट का इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा, स्थानीय लोगों और ट्रक यूनियनों की लंबे समय से मांग थी कि टोल प्रणाली को आधुनिक बनाया जाए ताकि यात्रा में देरी कम हो।
GPS-आधारित टोल सिस्टम
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पहले ही घोषणा की थी कि देशभर में एक साल के भीतर फिजिकल टोल बूथ हटाकर GPS-आधारित टोल सिस्टम लागू किया जाएगा। जयपुर-दिल्ली राजमार्ग को इस योजना के पहले चरण में शामिल किया गया है। इस सिस्टम में वाहनों के फास्टैग या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से टोल शुल्क स्वचालित रूप से कटेगा, जिससे बैरियर की जरूरत खत्म हो जाएगी।
प्रभाव और लाभ
यात्रा समय में कमी : बैरियर हटने से यात्रियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे जयपुर-गुड़गांव के बीच यात्रा समय कम होगा।
जाम से राहत : मनोहरपुर और शाहजहांपुर जैसे टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा।