
अवामी लीग के गंभीर आरोपअवामी लीग ने बयान जारी कर कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद नया मतदाता पंजीकरण कानूनन प्रतिबंधित है, फिर तारिक रहमान का पंजीकरण कैसे संभव हुआ? पार्टी ने पूछा:यह प्रक्रिया सरकारी अवकाश (शनिवार) को कैसे हुई ?
ढाका, 27 दिसंबर 2025 । बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक चेयरमैन तारिक रहमान ने लंदन से 17 साल के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटने के दो दिन बाद शनिवार को राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली।
वे आगामी 12 फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव में बोगरा-6 सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, अंतरिम सरकार द्वारा चुनाव में भाग लेने से प्रतिबंधित अवामी लीग ने तारिक रहमान को मिल रही ‘विशेष सुविधाओं’ पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
तारिक रहमान का मतदाता पंजीकरणतारिक रहमान (पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र) 25 दिसंबर को ढाका पहुंचे थे। लाखों समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। 27 दिसंबर को उन्होंने ढाका में चुनाव आयोग कार्यालय जाकर फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन दिए।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें 24 घंटे के अंदर एनआईडी कार्ड मिल जाएगा। वे निर्वासन में होने के कारण पहले मतदाता सूची में शामिल नहीं थे। अब वे ढाका-17 या बोगरा क्षेत्र के मतदाता बनेंगे।
अवामी लीग के गंभीर आरोपअवामी लीग ने बयान जारी कर कहा कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद नया मतदाता पंजीकरण कानूनन प्रतिबंधित है, फिर तारिक रहमान का पंजीकरण कैसे संभव हुआ? पार्टी ने पूछा:यह प्रक्रिया सरकारी अवकाश (शनिवार) को कैसे हुई?
क्या तारिक रहमान के लिए अलग कानून लागू हो रहा है? “सजा प्राप्त आरोपी तारिक रहमान को एक के बाद एक विशेष सुविधाएं मिल रही हैं। आम नागरिकों के लिए सख्त कानून उनके लिए क्यों ढीला है? क्या वे कानून से ऊपर हैं?”
अवामी लीग ने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से कानून के शासन और जनता के विश्वास पर गहरा संकट आ सकता है।राजनीतिक पृष्ठभूमितारिक रहमान 2008 में चिकित्सा के बहाने लंदन गए थे। शेख हसीना की अवामी लीग सरकार में उन पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्डरिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले सहित कई मामले दर्ज हुए, जिनमें सजाएं भी हुईं।
2024 में हसीना सरकार के पतन के बाद सभी मामलों में उन्हें बरी कर दिया गया।
वर्तमान में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार सत्ता में है। अवामी लीग का चुनाव लड़ना प्रतिबंधित है, जबकि बीएनपी चुनाव की प्रमुख दावेदार मानी जा रही है।
यह विवाद फरवरी 2026 के चुनाव से पहले बांग्लादेश की राजनीति में नई उथल-पुथल पैदा कर रहा है। बीएनपी इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है, जबकि अवामी लीग कानून की समानता का मुद्दा उठा रही है।