
बारां, 9 नवंबर 2025। राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के अंतिम प्रचार दिवस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जोरदार रोड शो निकाला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस रोड शो में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह भी शामिल हुए, जो पार्टी की एकजुटता का प्रतीक बन गया। यह रोड शो मांगरोल और अंता क्षेत्र में निकाला गया, जहां हजारों समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और नारों के साथ स्वागत किया। प्रचार आज शाम 6 बजे थम गया, जबकि 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी।
भव्य स्वागत और जनसैलाब -बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन के समर्थन में आयोजित यह रोड शो मांगरोल के सुभाष चौक से शुरू होकर आजाद चौक होते हुए सीसवाली तिराहे तक पहुंचा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दोपहर करीब 12 बजे हेलीकॉप्टर से मांगरोल पहुंचे। विशेष रूप से तैयार रथ पर सवार होकर उन्होंने रोड शो का नेतृत्व किया। रास्ते भर मुस्लिम समाज ने जेसीबी से फूलों की बारिश की, जबकि अन्य समुदायों ने स्वागत द्वार बनाकर पुष्प वर्षा की।
रोड शो में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने जनता का अभिवादन स्वीकार किया। कार्यक्रम के दौरान “बीजेपी जिंदाबाद” और “मोरपाल सुमन जिंदाबाद” के नारे गूंजते रहे। रोड शो शाम 4 बजे तक चला, उसके बाद सीएम ने स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की। एक स्थानीय कार्यकर्ता ने कहा, “यह रोड शो ऐतिहासिक था। जनसैलाब उमड़ आया, जो बीजेपी की जीत का संकेत है।
“पिछले दिनों भी बीजेपी ने कई रोड शो आयोजित किए थे। 6 नवंबर को वसुंधरा राजे ने मांगरोल और अंता में रोड शो किया था, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन चर्चा की। वहीं, 5-6 नवंबर को सीएम शर्मा का पहला रोड शो भी भव्य रहा, जिसमें पार्टी की गुटबाजी की अफवाहों को खत्म करने का प्रयास दिखा।
अंता सीट पर प्रतिष्ठा का सवालअंता विधानसभा सीट बारां जिले में आती है, जो वसुंधरा राजे का गढ़ मानी जाती है। राजे यहां से पूर्व में सांसद रह चुकी हैं, और उनके बेटे दुष्यंत सिंह वर्तमान सांसद हैं। यह सीट तब खाली हुई जब बीजेपी विधायक विष्णु लाल बैरवा को राज्यसभा सदस्य चुना गया। बीजेपी ने टिकट वितरण में देरी की, जिससे गुटबाजी की चर्चाएं हुईं। अंततः राजे के करीबी मोरपाल सुमन (ग्राम प्रधान और किराना दुकानदार) को उम्मीदवार बनाया गया। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को मैदान में उतारा है, जो पहले भी इस सीट से चुनाव लड़ चुके हैं।
मुकाबला त्रिकोणीय है, क्योंकि पूर्व बीजेपी विधायक रामपाल मेघवाल ने निर्दलीय के रूप में नामांकन भरा है। कुल 15 उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्य टक्कर बीजेपी, कांग्रेस और निर्दलीय के बीच है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निर्दलीय उम्मीदवार वोट काट सकते हैं, जो बीजेपी के लिए नुकसानदेह हो सकता है।