नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने कमर्शियल लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का आवंटन बढ़ाकर 70 फीसदी कर दिया है। इसमें स्टील, डाई, रसायन, ऑटोमोबाइल और प्लास्टिक जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
शर्मा ने कहा कि इसके अलावा एलपीजी का घरेलू उत्पादन लगभग 40 फीसदी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ’14 मार्च से कल तक कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों को 30,000 टन एलपीजी दी गई है।
सप्लाई पर पड़ा है असर-
शर्मा के अनुसार, दुनिया अभी भी युद्ध जैसी स्थिति में है। भारत की कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई प्रभावित हुई है। संयुक्त सचिव ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने भारत को होने वाली कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की सप्लाई पर असर डाला है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के साथ दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। हालांकि, सरकार ने इस स्थिति को असरदार तरीके से संभालने के लिए अलग-अलग स्तरों पर कई जरूरी फैसले लिए हैं।
सरकार ने कैसे किया मैनेजमेंट?
शुरुआत में कमर्शियल सप्लाई रोक दी गई थी, फिर धीरे-धीरे उसे बहाल किया गया।
पहले 20%, फिर PNG विस्तार के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के आधार पर अतिरिक्त 10%।
बाद में इसे बढ़ाकर 50% किया गया और अब 70% कर दिया गया है।
इसके नतीजे के तौर पर 14 मार्च से अब तक लगभग 30,000 टन कमर्शियल LPG की सप्लाई की जा चुकी है।