February 1, 2026

एसआईआर का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा आयोजित ...

कोलकाता, 21 जनवरी 2026 । पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के संशोधन प्रक्रिया में बड़ा मोड़ आया है। पहले निर्धारित तारीख 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होने वाली थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के कारण इसमें देरी हो सकती है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, अतिरिक्त समय लगने से प्रकाशन की तारीख टल सकती है, हालांकि अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। बुधवार (22 जनवरी) को नई गाइडलाइंस जारी होने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ECI) को कई सख्त निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” (तार्किक असंगतियां) वाली सूची में शामिल लगभग 1.25 से 1.36 करोड़ मतदाताओं के नाम सार्वजनिक किए जाएं।

निर्देश इस प्रकार हैं –
“लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” वाली सूची को राज्य के हर ग्राम पंचायत कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय और वार्ड कार्यालय में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए।
प्रभावित मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने पर रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।
सूची प्रकाशित होने के बाद 10 दिनों का समय आपत्तियां दर्ज करने या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए दिया जाए।
यदि दस्तावेज असंतोषजनक पाए जाते हैं, तो व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिया जाए।
कोर्ट ने ECI की प्रक्रिया से आम लोगों पर पड़ रहे “तनाव और दबाव” (stress and strain) पर चिंता जताई, खासकर जब 1.36 करोड़ (लगभग 20% आबादी) लोगों को नोटिस जारी किए गए थे।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एसआईआर का उद्देश्य योग्य मतदाताओं को हटाना नहीं, बल्कि सूची को शुद्ध करना है। TMC सांसदों (डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन आदि) की याचिकाओं पर यह फैसला आया, जहां “तार्किक असंगतियों” की श्रेणी को मनमाना और अस्पष्ट बताया गया था।चुनाव आयोग की स्थिति और देरी का कारण SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित हुई थी, जिसमें 58 लाख+ नाम हटाए गए थे (मृत्यु, प्रवास या फॉर्म न जमा करने के कारण)।
क्लेम्स एंड ऑब्जेक्शंस की अंतिम तारीख 15 जनवरी 2026 थी, सुनवाई 7 फरवरी तक चल रही है।
कोर्ट के निर्देशों को लागू करने में अतिरिक्त समय लगेगा – सूची प्रदर्शित करना, 10 दिन का ऑब्जेक्शन पीरियड, और सुनवाई।
EC सूत्रों ने कहा कि हियरिंग की डेडलाइन (7 फरवरी) को कम से कम 10 दिन बढ़ाया जा सकता है, जिससे फाइनल लिस्ट का प्रकाशन भी टल सकता है।
यदि फरवरी में फाइनल रोल्स प्रकाशित नहीं हुए, तो विधानसभा चुनाव (अप्रैल-मई 2026 तक संभावित) की अधिसूचना में देरी हो सकती है।

टीएमसी का रुख-
टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा, “यह उन लोगों के लिए तमाचा है जो बंगाल के मतदाताओं के वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे थे।” टीएमसी ने पहले से ही “लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” को “संदिग्ध श्रेणी” बताते हुए आलोचना की थी। ममता बनर्जी ने कई बार ECI को पत्र लिखकर प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।वर्तमान स्थिति एसआईआर सुनवाई का अंतिम दिन 7 फरवरी है, लेकिन कोर्ट निर्देशों के बाद EC नई अधिसूचना जारी कर सकता है।
EC ने कहा कि निर्देशों का पालन करते हुए प्रक्रिया को पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाया जाएगा।
राज्य में विधानसभा का कार्यकाल 5 मई 2026 तक है, इसलिए चुनाव आयोग फाइनल रोल्स जल्द से जल्द प्रकाशित करने की कोशिश कर रहा है।

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