January 30, 2026

इंजीनियर की मौत पर राहुल ने कहा; व्यवस्था का पतन, पर कोई जवाबदेही नहीं

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा, 20 जनवरी 2026 ।  कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और पूरे सिस्टम पर करारा प्रहार किया।
राहुल गांधी का राजनीतिक हमला
राहुल ने इस घटना को “शहरी भारत में सुरक्षा की पूरी कमी” का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि NCR जैसे क्षेत्रों में सड़कें, पुल, निर्माण साइट्स, प्रदूषण और भ्रष्टाचार – सब जान ले रहे हैं, लेकिन कोई जिम्मेदारी नहीं लेता।

“TINA” का इस्तेमाल कर उन्होंने मोदी सरकार और यूपी सरकार (योगी आदित्यनाथ) को सीधे निशाना बनाया। कांग्रेस ने इसे “सिस्टम के पतन” का उदाहरण बताकर मांग की कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कानून और तत्काल जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। यह घटना NCR में निर्माण साइट्स की सुरक्षा, फॉग में ड्राइविंग नियमों, इमरजेंसी रेस्पॉन्स और प्रशासनिक उदासीनता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। युवराज मेहता की मौत ने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया है, और राहुल गांधी की पोस्ट ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

राहुल गांधी ने इसे “भारत के शहरी पतन” का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं पैसे, तकनीक या समाधानों की कमी से नहीं, बल्कि जवाबदेही (Accountability) की पूर्ण अनुपस्थिति से होती हैं। उन्होंने “TINA” (There Is No Accountability) का इस्तेमाल कर मोदी सरकार को घेरा और इसे सिस्टमिक फेलियर करार दिया।राहुल गांधी का एक्स पोस्ट
राहुल गांधी ने 20 जनवरी 2026 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा: राहुल गांधी ने 20 जनवरी 2026 को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा:”Roads kill
Bridges kill
Fires kill
Water kills
Pollution kills
Corruption kills
Indifference kills India’s urban collapse isn’t about lack of money, technology, or solutions. It’s about lack of accountability.

TINA : There Is No Accountability.”पोस्ट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें घटना के प्रत्यक्षदर्शी (फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट मोनिंदर), युवराज के पिता राजकुमार मेहता के बयान और घटनास्थल के फुटेज शामिल हैं।

वीडियो में कहा गया कि समय पर सही कार्रवाई होती तो युवराज को बचाया जा सकता था, लेकिन ठंड, घनी धुंध, लोहे की छड़ें और प्रशासनिक लापरवाही के कारण रेस्क्यू में 90 मिनट से 2 घंटे की देरी हुई।

क्या था मामला : युवराज मेहता गुरुग्राम से अपनी कंपनी (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) से घर (टाटा यूरिका पार्क सोसाइटी, सेक्टर 150) लौट रहे थे। उनकी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा घनी धुंध और खराब विजिबिलिटी में नियंत्रण खो बैठी। कार ने क्षतिग्रस्त/टूटे बाउंड्री वॉल को तोड़ा और गड्ढे में गिर गई।

पीड़ित की अंतिम कॉल: कार पानी में गिरने के बाद युवराज ने पिता राजकुमार मेहता को फोन किया और रोते हुए कहा – “पापा, कार ड्रेन में गिर गई है… मैं डूब रहा हूं… प्लीज बचाओ… मैं मरना नहीं चाहता।” उन्होंने बार-बार “पापा, मुझे बचा लो” चिल्लाया।

बचाव प्रयास की विफलता: युवराज कार की छत पर चढ़कर लगभग 90 मिनट से 2 घंटे तक चिल्लाते रहे। फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट मोनिंदर ने सबसे पहले मदद की कोशिश की, लेकिन पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF की टीम ठंड, धुंध, लोहे की छड़ों और पानी की गहराई के कारण हिचकिचाई। पिता सड़क पर खड़े होकर बेबस देखते रहे। रस्सी फेंकी गई, लेकिन वह युवराज तक नहीं पहुंची।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *