February 1, 2026

ठाकरे ब्रांड को बड़ा झटका लगा, जबकि बीजेपी ने शहर की राजनीति में अपनी मजबूत पैठ साबित

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव परिणामों ने मुंबई की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर कर दिया है। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन (बीजेपी + एकनाथ शिंदे की शिवसेना) ने 227 वार्डों वाली एशिया की सबसे बड़ी और अमीर महानगरपालिका पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह जीत लगभग 30-45 साल बाद ठाकरे परिवार के लंबे दबदबे को तोड़ते हुए आई है, जहां शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट सहित) का बीएमसी पर वर्षों से कब्जा रहा।
प्रमुख परिणाम और रुझान
कुल वार्ड: 227 (बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी)
महायुति गठबंधन: 118+ से 130+ सीटों पर जीत/बढ़त (अंतिम आंकड़े में स्पष्ट बहुमत)
बीजेपी: अकेले 90+ सीटों पर सबसे बड़ी पार्टी
शिंदे की शिवसेना: 25-30 सीटों पर मजबूत योगदान
विपक्षी गठबंधन (MVA + MNS): शिवसेना (UBT) 70-72 सीटों के आसपास, MNS 8-9, कांग्रेस 15 के करीब, अन्य पार्टियां (AIMIM सहित) सीमित सफलता
मतदान प्रतिशत: 52.94% (15 जनवरी 2026 को मतदान हुआ)
महायुति ने शुरुआती रुझानों से ही बढ़त बनाई और दोपहर तक बहुमत पार कर लिया। यह ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज) के एकजुट होने के बावजूद विफल रहा, जहां उनका ‘मराठी अस्मिता’ कार्ड काम नहीं आया।
राजनीतिक महत्व
शिवसेना ने 1980-90 के दशक से बीएमसी पर लगभग निरंतर कब्जा बनाए रखा था। 2017 में भी अविभाजित शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन अब पहली बार बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने ठाकरे ‘बस्ती’ को छीन लिया। यह महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव है, जहां महायुति ने विधानसभा के बाद अब नगर निकायों में भी प्रचंड जीत दर्ज की है।
प्रमुख प्रतिक्रियाएं
देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र मुख्यमंत्री): “महायुति को भारी जनादेश मिला। यह विकास और विश्वास की राजनीति की जीत है। हम इसे कार्यकर्ताओं को समर्पित करते हैं।”

एकनाथ शिंदे: महायुति की इस जीत में उनका मराठी मुद्दों पर योगदान निर्णायक रहा।

अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री): “यह ऐतिहासिक है। महाराष्ट्र में विकास और कल्याण योजनाओं का जनसमर्थन साबित हुआ।”
उद्धव ठाकरे गुट: हार को स्वीकार करते हुए कहा कि जनता ने फैसला सुना, लेकिन विपक्ष ने ‘EVM और अन्य मुद्दों’ पर सवाल उठाए।
आगे क्या?
नया मेयर: महायुति से ही चुना जाएगा (संभावित मराठी वक्ता)।
बीएमसी बजट: 74,000 करोड़+ का बजट अब महायुति के नियंत्रण में – इंफ्रास्ट्रक्चर, स्लम पुनर्वास, सफाई और विकास पर फोकस बढ़ेगा।
राज्य स्तर पर प्रभाव: महाराष्ट्र की अन्य 28 महानगरपालिकाओं में भी महायुति ने 25+ में बढ़त बनाई, जो पार्टी की मजबूत लहर दिखाती है।
यह चुनाव मुंबई में ‘सफरन’ रंग की लहर लाया है। ठाकरे ब्रांड को बड़ा झटका लगा, जबकि बीजेपी ने शहर की राजनीति में अपनी मजबूत पैठ साबित कर दी।

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