February 1, 2026

 

नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026: दिल्ली के पुरानी दिल्ली स्थित तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के एक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हिंसक झड़प हो गई। नगर निगम (एमसीडी) की टीम ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमित क्षेत्र को हटाने के लिए बुलडोजर चलाए, जिसके विरोध में कुछ स्थानीय निवासियों ने पुलिस और अधिकारियों पर पत्थरबाजी की। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति पर काबू पाया।

 

पृष्ठभूमि

यह अभियान दिल्ली हाई कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित था, जिसमें एमसीडी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को तुर्कमान गेट के पास रामलीला मैदान में 38,940 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था।

मस्जिद की प्रबंधन समिति और दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन के स्वामित्व के दस्तावेज न प्रस्तुत करने पर दिसंबर में एमसीडी ने 0.195 एकड़ से अधिक क्षेत्र की संरचनाओं को ध्वस्त करने का नोटिस जारी किया।

इसमें सड़क, फुटपाथ, बारात घर, पार्किंग क्षेत्र और एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल थे। मस्जिद का 0.195 एकड़ क्षेत्र 1940 में लीज पर दिया गया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जनवरी को साइट को चिह्नित करने के दौरान स्थानीय विरोध हुआ, जिसके बाद पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। मस्जिद प्रबंधन ने एमसीडी के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी, जहां 7 जनवरी को कोर्ट ने एमसीडी, डीडीए, शहरी विकास मंत्रालय, पीडब्ल्यूडी और वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।

घटना का विवरण- अभियान की शुरुआत 7 जनवरी को सुबह 8 बजे तय थी, लेकिन इसे तड़के 1:30 बजे शुरू कर दिया गया ताकि दिन में असुविधा न हो। करीब 300 एमसीडी अधिकारी और कर्मचारी, 30 बुलडोजर और 50 डंप ट्रक के साथ पहुंचे। पुलिस की 10 से अधिक कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात थी।

क्षेत्र को नौ जोनों में बांटा गया था।ध्वस्तीकरण के दौरान 25-30 लोगों ने अधिकारियों और पुलिस पर पत्थर, ईंटें और कांच की बोतलें फेंकी। पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया।

वीडियो में बुलडोजर काम करते दिखे और पुलिस पर पत्थरबाजी की घटनाएं कैद हुईं। ध्वस्त संरचनाओं में बारात घर और एक डिस्पेंसरी शामिल थीं।

घायल और गिरफ्तारिया

पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं, जिसमें एक एसएचओ को गंभीर चोट लगी। पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया और 100 से अधिक वीडियो के आधार पर अन्यों की पहचान कर रही है। घायल पुलिसकर्मियों और एमसीडी कर्मचारियों के बयानों पर मामला दर्ज किया गया।

अधिकारियों के बयान
संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेंट्रल रेंज) माधुर वर्मा ने कहा, “हाई कोर्ट के निर्देश पर एमसीडी ने अभियान चलाया। कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की, जिसे न्यूनतम बल प्रयोग से नियंत्रित किया गया। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी निधिन वल्सन ने पुष्टि की कि रात में अभियान चलाया गया ताकि लोगों को परेशानी न हो।
स्थानीय प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक प्रतिक्रिया
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पुलिस आधी रात को पहुंची और विरोध पर आंसू गैस छोड़ी गई।

मस्जिद प्रबंधन ने कहा कि संपत्ति वक्फ की है और वक्फ ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में आती है। उन्होंने कब्रिस्तान के संचालन पर आपत्ति जताई। घटना के बाद इलाका तनावपूर्ण रहा, दुकानें बंद, सड़कें सील और भारी पुलिस बल तैनात। राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए, हालांकि विशिष्ट बयान उपलब्ध नहीं हैं।

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