
मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 15 जनवरी 2026 को एक ही चरण में मतदान और 16 जनवरी को मतगणना की घोषणा की है।
बीएमसी के साथ-साथ महाराष्ट्र की 28 अन्य महानगरपालिकाओं (कुल 29) में भी इसी दिन चुनाव होंगे। यह चुनाव 2017 के बाद पहली बार हो रहा है, क्योंकि 2022 में कार्यकाल खत्म होने के बावजूद आरक्षण और वार्ड परिसीमन के विवाद से देरी हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 31 जनवरी 2026 से पहले सभी स्थानीय निकाय चुनाव पूरे करने हैं।
बीएमसी में 227 वार्डों के लिए चुनाव होगा, जिसमें करीब 50 लाख से अधिक मतदाता हैं। पूरे राज्य में 2,869 सीटों पर 3.48 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे।गठबंधनों और सीट बंटवारे की स्थिति -महायुति (सत्तारूढ़ गठबंधन): BJP को 137 सीटें, एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 90 सीटें। रामदास अठावले की RPI (A) ने 20 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया, लेकिन महायुति का समर्थन जारी रखा।
MVA (विपक्षी गठबंधन)- उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की MNS में गठबंधन, संयुक्त रैलियां और सीट शेयरिंग पर चर्चा। कांग्रेस ने VBA के साथ गठबंधन कर 126 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की।
कुछ जगहों पर महायुति के 68 उम्मीदवार बिना विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जिस पर जांच के आदेश दिए गए।
तैयारी और चुनौतियां10 हजार से अधिक पोलिंग स्टेशन बनाए गए। 50 हजार से ज्यादा पोलिंग कर्मचारियों की ट्रेनिंग चल रही है। ईवीएम का इस्तेमाल होगा, मतदाता सूची 1 जुलाई 2025 की। मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट 15 दिसंबर 2025 से लागू।
बीएमसी का सालाना बजट 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, जो कई राज्यों के बजट से बड़ा है। इस चुनाव को महाराष्ट्र की राजनीति का सेमीफाइनल माना जा रहा है।