नई दिल्ली/कोलकाता, 30 दिसंबर 2025 । भारतीय रिकर्व तीरंदाज अंकिता भकत ने साल 2025 को शानदार अंदाज में खत्म किया है। पेरिस ओलंपिक 2024 में मिक्स्ड टीम इवेंट में चौथा स्थान हासिल करने के महज कुछ महीनों बाद, कोलकाता की इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने दक्षिण कोरिया के मशहूर कोच किम ह्युंग टाक के ट्रेनिंग सेंटर में कड़ी मेहनत की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपनी पहचान बनाई।

फरवरी 2025 में अंकिता दक्षिण कोरिया के चुंगचियोंगबुक-दो स्थित किम ह्युंग टाक आर्चरी ट्रेनिंग सेंटर पहुंचीं। वहां तापमान 5 डिग्री से गिरकर माइनस 5 डिग्री तक चला जाता था। बर्फीली ठंड में अंकिता इमारतों के अंदर से खिड़कियों के जरिए निशाना साधती रहीं, जबकि कोच किम ह्युंग टाक पास खड़े होकर उनकी तकनीक को बारीकी से परखते रहे।
अंकिता ने बर्फ में चलकर टारगेट तक पहुंचकर प्रैक्टिस की – यह सब अपनी तकनीक को और मजबूत बनाने के लिए।इस मेहनत का नतीजा साल के अंत में दिखा। एशियन आर्चरी चैंपियनशिप 2025 (ढाका, बांग्लादेश) में अंकिता ने महिलाओं की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। फाइनल में उन्होंने पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट नाम सु-ह्यून (दक्षिण कोरिया) को 7-3 से हराकर सनसनी फैला दी।
इससे पहले क्वार्टर फाइनल में टोक्यो ओलंपिक मेडलिस्ट जांग मिन ही और अन्य मुकाबलों में कांग चाएयंग जैसी कोरियन तीरंदाजों को हराया। भारत ने इस चैंपियनशिप में कुल 10 मेडल जीते, जिसमें अंकिता का गोल्ड ऐतिहासिक रहा।अंकिता ने कहा:”पेरिस में चौथे स्थान के बाद मैंने सोचा कि तकनीक में और सुधार चाहिए। कोरिया में ठंड में प्रैक्टिस करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन कोच किम की गाइडेंस ने मुझे धैर्यवान और मजबूत बनाया। अब 2026 एशियन गेम्स में मेडल का लक्ष्य है।”
उनकी कोच पुरनीमा महतो ने बताया कि तकनीक बदलने से अंकिता ज्यादा धैर्यवान हो गई हैं, जो भविष्य में बड़ा फायदा देगा।पृष्ठभूमि
पेरिस ओलंपिक 2024 में अंकिता और धीराज बोम्मादेवरा की जोड़ी ने मिक्स्ड टीम में ब्रॉन्ज मेडल मैच तक पहुंचकर इतिहास रचा, लेकिन चौथे स्थान पर रही। यह भारतीय आर्चरी का अब तक का बेस्ट ओलंपिक परफॉर्मेंस था।
कोलकाता में जन्मी अंकिता ने 10 साल की उम्र में आर्चरी शुरू की और टाटा आर्चरी अकादमी से ट्रेनिंग ली।2025 में अंकिता ने कोरियन दबदबे को तोड़कर भारतीय आर्चरी को नई ऊंचाई दी। नए साल में वे और बड़े मुकाम हासिल करने की तैयारी में हैं।