
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने आज अपनी दिसंबर 2025 की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंकों (0.25%) की कटौती का ऐलान किया। अब रेपो रेट 5.50% से घटकर 5.25% हो गया है। यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया बताया।यह 2025 में रेपो रेट की चौथी कटौती है, जिससे साल भर में कुल कटौती 125 आधार अंक हो गई है। इससे पहले फरवरी, अप्रैल और जून में कटौती की गई थी।क्यों की गई कटौती?महंगाई में रिकॉर्ड गिरावट: खुदरा महंगाई (CPI) दशक के निचले स्तर पर है। अक्टूबर में यह सिर्फ 0.3% रही।मजबूत आर्थिक वृद्धि: दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.2% रही, जो छह तिमाहियों का उच्चतम स्तर है।
गवर्नर मल्होत्रा ने इसे “रेयर गोल्डीलॉक्स पीरियड” बताया – जहां ग्रोथ मजबूत है और महंगाई कम।नीति रुख ‘न्यूट्रल’ बना हुआ है, जो आगे और कटौती की गुंजाइश रखता है।
जीडीपी और महंगाई अनुमान में बदलावFY26 जीडीपी ग्रोथ अनुमान: पहले के अनुमान से बढ़ाकर 7.3% किया गया।FY26 महंगाई अनुमान: घटाकर 2.0% किया गया (पहले 2.6% था)।यह आरबीआई के 4% (±2%) टारगेट के अंदर है।
लिक्विडिटी बढ़ाने के कदमबैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी टाइट होने और रुपए में उतार-चढ़ाव को देखते हुए:ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO): दिसंबर में ₹1 लाख करोड़ के सरकारी बॉन्ड खरीदे जाएंगे (दो किस्तों में)।फॉरेक्स स्वैप: $5 बिलियन का 3 साल का USD/INR बाय-सेल स्वैप।आम लोगों पर असरलोन सस्ते होंगे: होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन की EMI कम हो सकती है। बैंक जल्द ही ब्याज दरें घटाएंगे।पहले से ही कई बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI) होम लोन 7.3-7.9% पर दे रहे हैं, और आगे राहत मिलेगी।रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा, क्योंकि सस्ते लोन से घर खरीदारी बढ़ेगी।
स्टॉक मार्केट पॉजिटिव: सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल देखा गया।आरबीआई गवर्नर ने कहा कि अर्थव्यवस्था मजबूत है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं (ट्रेड वॉर, जियोपॉलिटिकल टेंशन) पर नजर रखी जा रही है। अगली एमपीसी बैठक फरवरी 2026 में होगी।यह फैसला अर्थव्यवस्था को और गति देने वाला है, खासकर त्योहारी सीजन के बाद। अधिक जानकारी के लिए आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट देखें!