
जयपुर, 1 दिसंबर 2025: राजस्थान की राजनीति में इन दिनों एक नई सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिल्ली यात्रा के बीच जयपुर के राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। यह यात्रा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण बैठक के लिए है, जिसे कैबिनेट में बड़े बदलावों का संकेत माना जा रहा है।
भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के मौके पर यह फेरबदल पार्टी को आगामी पंचायत और निकाय चुनावों के लिए मजबूत बनाने की दिशा में उठाया जा सकता है।
दिल्ली यात्रा का राजनीतिक महत्व
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कल दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा, संगठनात्मक बदलाव और मंत्रिमंडल पुनर्गठन पर केंद्रित होने की संभावना है।
पिछले कुछ महीनों में सीएम शर्मा की दिल्ली यात्राओं के बाद गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी पूर्ण फेरबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। हाल ही में हुई उनकी यात्रा के दौरान भी इसी तरह की चर्चाएं तेज हुई थीं, जब उन्होंने मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा शुरू की थी।
सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा “तूफान से पहले की शांति” का संकेत दे रही है। पिछले तीन दिनों से सीएम शर्मा विधायकों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से एकांत में मिल रहे हैं, जहां मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक लिया जा रहा है। प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने हाल ही में जयपुर में संकेत दिए थे कि “पुराने और सूखे पेड़ गिरेंगे, तभी नए पत्ते उभरेंगे।” उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में नए और अनुभवी नेताओं का संगम होगा, जिससे बेहतर परिणाम आएंगे।