
मुंबई, 18 नवंबर । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आज मुंबई में ‘यशवंतराव चव्हाण जयंती गौरव समिति’ के प्रतिनिधि प्रदीप कदम ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित पीड़ितों के लिए ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ में 15 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह योगदान हाल ही में राज्य में हुई भारी वर्षा से हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए एक सराहनीय कदम है, जिसमें हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।
समिति के संयोजक प्रदीप कदम ने कहा, “यशवंतराव चव्हाण जी के जयंती वर्ष के अवसर पर हमारी समिति सामाजिक सेवा के प्रति हमेशा समर्पित रही है। भारी बारिश से प्रभावित किसानों और आम नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करने के उद्देश्य से यह राशि सौंपी जा रही है। यह महाराष्ट्र के शिल्पकार यशवंतराव चव्हाण के आदर्शों को साकार करने का प्रयास है।” कदम ने बताया कि समिति ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से एकत्रित की गई इस राशि को सीधे राहत कोष में जमा किया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चेक प्राप्त करते हुए प्रदीप कदम और समिति का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “ऐसे नेक प्रयास राज्य सरकार के राहत कार्यों को मजबूती प्रदान करते हैं। महाराष्ट्र सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 1,765 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित कर चुकी है, जिसमें प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये का मुआवजा शामिल है। सामाजिक संगठनों का सहयोग इस संकट से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” फडणवीस ने हाल ही में शपथ ग्रहण के बाद ही मुख्यमंत्री चिकित्सा राहत कोष से 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने का आदेश देकर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया था।
यह घटना महाराष्ट्र में 2025 की मानसून सीजन के दौरान हुई भारी बारिश के संदर्भ में आई है, जब जून से सितंबर तक राज्य के कई जिलों में बाढ़ ने भयंकर रूप धारण कर लिया था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य शुरू किए हैं, जिसमें कर्जमाफी योजना पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। ‘मुख्यमंत्री सहाय्यता निधी कक्ष’ जैसी योजनाओं के तहत आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को 25 हजार से 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रदीप कदम, जो सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, ने पूर्व में भी विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर योगदान दिया है। यशवंतराव चव्हाण जयंती गौरव समिति महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण की स्मृति में युवा प्रोत्साहन, क्रीड़ा, उद्यमिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती है। इस योगदान को महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सराहा है, जो राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से राहत कोष में योगदान दें, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र न्याय मिल सके। यह घटना ‘रामराज्य’ की दिशा में एक और सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।