
नई दिल्ली /पटना, 14 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है। 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटों की जरूरत है, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने सुबह 8 बजे शुरू हुई वोट गिनती के बाद से ही लैंडस्लाइड जीत की ओर अग्रसर हो गया।
चुनाव आयोग (ईसीआई) के अंतिम रुझानों (दोपहर 3 बजे तक) के अनुसार, एनडीए 207 सीटों पर बढ़त बना चुका है, जो 2010 की 206 सीटों वाली जीत को पीछे छोड़ने वाली है। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जो 95 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) 84 सीटों पर मजबूत पकड़ बना रही है।
विपक्षी महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी, वाम दल) को करारी हार मिली है, जो मात्र 36 सीटों पर सिमट गया।यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी की ताकत का प्रमाण है। एनडीए ने “सुशासन” और विकास के एजेंडे पर वोट हासिल किए, जबकि महागठबंधन की “जंगल राज” वापसी की कोशिश नाकाम रही। नीतीश कुमार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं, जो उनका रिकॉर्ड दसवां कार्यकाल होगा।
सीटों का विस्तृत बंटवारा (ईसीआई अंतिम रुझान, दोपहर 3 बजे तक):
| गठबंधन/पार्टी | लीडिंग/जीती सीटें | 2020 में जीती सीटें | वोट शेयर (%) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|
| एनडीए कुल | 207 | 125 | 48.3 | ऐतिहासिक डबल सेंचुरी, दो-तिहाई बहुमत से ज्यादा। |
| – भाजपा | 95 | 74 | 22.4 | सबसे बड़ी पार्टी, रिकॉर्ड उछाल। |
| – जेडीयू (नीतीश कुमार) | 84 | 43 | 18.5 | नीतीश का करिश्मा, दोगुनी सीटें। |
| – एलजेपी-आरवी (चिराग पासवान) | 22 | 1 | 5.7 | ट्रिपल ग्रोथ, पासवान फैमिली की वापसी। |
| – हम-एस (जीतन राम मांझी) | 4 | 4 | – | स्थिर प्रदर्शन। |
| – अन्य सहयोगी (आरएलएम) | 2 | – | – | सीमित योगदान। |
| महागठबंधन कुल | 36 | 110 | 36.9 | भारी गिरावट, 3% वोट शेयर कम। |
| – आरजेडी (तेजस्वी यादव) | 28 | 75 | 23.0 | तेजस्वी की रघोपुर सीट पर 4,000+ वोटों से हार। |
| – कांग्रेस | 5 | 19 | 7.9 | सबसे खराब प्रदर्शन, आत्मनिरीक्षण की जरूरत। |
| – वीआईपी | 0 | 4 | – | सफाया। |
| – वाम दल (सीपीआई-एमएल आदि) | 3 | 12 | – | सीमित सफलता। |
| अन्य | 0 | 8 | – | जन सुराज (प्रशांत किशोर) का डेब्यू फ्लॉप, एआईएमआईएम को 6 सीटें। |
स्रोत: चुनाव आयोग (ईसीआई) डेटा। वोट शेयर 2024 लोकसभा से तुलना में। अंतिम आंकड़े शाम तक अपडेट होंगे।प्रमुख हाइलाइट्स और घटनाक्रम:
- एनडीए की लहर: सुबह 10 बजे तक एनडीए ने 150 सीटें पार कीं, दोपहर तक 200 का आंकड़ा छुआ। भाजपा ने मुस्लिम बहुल सीटों जैसे अलीनगर में भी जीत हासिल की, जहां लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने ‘बधाई गीत’ गाकर उत्सव मनाया। चिराग पासवान की एलजेपी-आरवी ने गोविंदगंज, बेलसंड, सुगौली जैसी 22 सीटों पर धमाल मचाया। पीएम मोदी की रैलियों और नीतीश की महिला सशक्तिकरण योजनाओं (मुख्यमंत्री रोजगार योजना: ₹10,000 ट्रांसफर) ने युवा-महिला वोटरों को लुभाया।
- भाजपा की सर्वोच्चता: 95 सीटों के साथ भाजपा एनडीए की “बिग ब्रदर” बन गई। जेडीयू से ज्यादा सीटें मिलने से गठबंधन में संतुलन की बहस छिड़ गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने “विजय उत्सव” की घोषणा की। यूपी मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “बिहार ने न्याय और विकास चुना।”
- महागठबंधन का सफाया: तेजस्वी यादव की रघोपुर सीट पर भाजपा के सतीश कुमार से 4,000+ वोटों की हार ने आरजेडी को झकझोर दिया। तेज प्रताप यादव महुआ में एलजेपी से पिछड़े। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने “गंभीर आत्मनिरीक्षण” की बात कही। आरजेडी प्रवक्ता कांचना यादव ने शुरुआती रुझानों पर “पागलपन” का आरोप लगाया, लेकिन सबूत नहीं दिए। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने ईसी पर “एसआईआर गेम” का तंज कसा।
- उल्लेखनीय सीटें और उम्मीदवार:
- मोकामा: जेडीयू के बाहुबली अनंत सिंह ने जेल से रिहा होकर 29,710 वोटों से जीत हासिल की।
- रघुनाथपुर: आरजेडी के ओसामा शहाब (शहाबुद्दीन के बेटे) हार गए; एनडीए ने “क्रिमिनलाइजेशन” का मुद्दा उठाया।
- कराकट: सीपीआई(एमएल) के अरुण सिंह आगे।
- छपरा: भाजपा की छोटी कुमारी ने भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव को पीछे छोड़ा।
- अलीनगर: भाजपा की मैथिली ठाकुर की डेब्यू जीत, लोकप्रिय गीत से वायरल।
- महुआ: तेज प्रताप यादव हार की कगार पर।