March 12, 2026

102 एकड़ में बनेगी वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स सिटी, ऑस्ट्रेलिया-कतर मॉडल पर आधारित

नई दिल्ली, एनएसआई मीडिया। भारतीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाला एक बड़ा फैसला लिया गया है। यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के मशहूर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (JLN) को ध्वस्त कर 102 एकड़ क्षेत्र में एक आधुनिक ‘स्पोर्ट्स सिटी’ विकसित की जाएगी। यह परियोजना ऑस्ट्रेलिया और कतर जैसे देशों के सफल मॉडल्स को आधार बनाकर तैयार की जाएगी, जिसमें सभी प्रमुख खेलों के लिए वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं और एथलीट्स के लिए आवासीय व्यवस्था शामिल होगी। हाल ही में यहीं आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भारत ने 22 मेडल्स जीतकर इतिहास रचा था।परियोजना की मुख्य डिटेल्सJLN स्टेडियम, जो 1982 एशियन गेम्स के लिए बनाया गया था और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के लिए 961 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकृत किया गया, अब पुराना पड़ चुका है। मिनिस्ट्री के अनुसार, मौजूदा संरचना को तोड़कर एक इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स हब बनाया जाएगा, जो खेल विकास को गति देगा। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) द्वारा मेंटेन किया जाने वाला यह स्टेडियम फिलहाल एथलेटिक्स, फुटबॉल और अन्य इवेंट्स के लिए इस्तेमाल होता है।

इतिहास और महत्व
JLN स्टेडियम भारत के खेल इतिहास का अभिन्न हिस्सा रहा है। 1982 एशियन गेम्स में यहां भारत ने 13 गोल्ड, 19 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज मेडल्स जीते थे, जो उस समय का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। 2010 CWG में एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स के लिए मुख्य वेन्यू होने के अलावा, यह फुटबॉल मैच (जैसे इंडिया vs साउथ अफ्रीका, इंडिया vs ऑस्ट्रेलिया), बड़े कॉन्सर्ट्स और राष्ट्रीय समारोहों (स्वतंत्रता दिवस) का गवाह रहा है। इसकी क्षमता लगभग 60,000 दर्शकों की है।

हाल ही में 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत ने 7 गोल्ड, 8 सिल्वर और 7 ब्रॉन्ज सहित कुल 22 मेडल्स जीते, जो देश को एलीट आयोजकों की सूची में शामिल करने का काम किया। लेकिन पुरानी सुविधाओं के कारण रखरखाव की चुनौतियां बढ़ रही हैं। मिनिस्ट्री का मानना है कि नई स्पोर्ट्स सिटी से न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि यह 2036 ओलंपिक्स बिड के लिए दिल्ली को मजबूत दावेदार बनाएगा।
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

परियोजना से जुड़ी कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे मौजूदा इवेंट्स और फेडरेशन्स के लिए ट्रांजिशन प्लान। स्टेडियम में कई संगठन टेनेंट के रूप में रहते हैं, इसलिए ध्वस्तीकरण के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी होगी। मिनिस्ट्री सूत्रों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट खेल मंत्रालय की ‘केआईएस प्लान’ (Khelo India Scheme) से जुड़ा है, जो युवाओं को खेलों से जोड़ने का लक्ष्य रखता है।एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के सिडनी ओलंपिक पार्क और कतर के खरतीत सिटी जैसे मॉडल्स से प्रेरणा लेकर यह स्पोर्ट्स सिटी न केवल एथलीट्स के लिए ट्रेनिंग हब बनेगी, बल्कि पर्यटन और इकोनॉमी को भी बूस्ट देगी।
मिनिस्ट्री जल्द ही आधिकारिक घोषणा कर सकती है, जिसमें बजट और टाइमलाइन की डिटेल्स शामिल होंगी।यह कदम भारतीय खेलों के लिए एक नया अध्याय खोलेगा, जहां पुरानी विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़ा जाएगा। अगर आप इस परियोजना के किसी स्पेसिफिक पहलू पर ज्यादा जानना चाहते हैं, तो कमेंट करें!

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