
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से “कब बोलना है और कब नहीं बोलना है” यह कला सीखी है, और विपक्ष को भी इसे अपनाना चाहिए।
रिजिजू का यह बयान दुनियाभर में चल रही घटनाओं के बीच आया, जहां उन्होंने पीएम मोदी की नेतृत्व शैली की तारीफ की और विपक्ष को “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया।
यह टिप्पणी दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां रिजिजू ने विकसित भारत के लक्ष्य, युवाओं की भूमिका और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।
विपक्ष ने इसे “अहंकारी बयानबाजी” बताते हुए खारिज कर दिया, जबकि बीजेपी ने इसे “राष्ट्रीय हित की अपील” करार दिया।बयान का पूरा विवरण: मानेकशॉ सेंटर में कार्यक्रम के दौरानकेंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू आज दिल्ली के प्रतिष्ठित मानेकशॉ सेंटर में एक विशेष कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। कार्यक्रम का विषय “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व शैली, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और युवाओं की भूमिका” था।
रिजिजू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, “दुनियाभर में हो रही घटनाओं के बीच, कोई भी देख सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किन मुद्दों पर बोलते हैं और कई बार यह भी तय करते हैं कि कब नहीं बोलना है।”
मैंने प्रधानमंत्री से बहुत कुछ सीखा है
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने स्पष्ट नसीहत दी: “कब बोलना है और कब नहीं बोलना है, मैंने प्रधानमंत्री से बहुत कुछ सीखा है। मैं चाहता हूं कि विपक्ष भी सीखे।” रिजिजू ने कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सभी दलों को एकजुट होना चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए हर मुद्दे पर बवाल मचाना चाहिए।
उन्होंने हाल के संसदीय सत्रों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष का हंगामा संसद के समय और देश के करोड़ों रुपये की बर्बादी का कारण बन रहा है। “विपक्ष को दोहरे मानदंड नहीं अपनाने चाहिए। वे चर्चा की मांग करते हैं, लेकिन जब सरकार स्वीकार करती है तो बहाने बनाते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा।कार्यक्रम में रिजिजू ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नेतृत्व की परिपक्वता जरूरी है। उन्होंने पीएम मोदी की “संतुलित और रणनीतिक” संवाद शैली को उदाहरण बताया, जो वैश्विक मंचों पर भारत की छवि मजबूत कर रही है। रिजिजू ने यह भी कहा कि “राष्ट्रीय एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और इसमें बोलने का सही समय चुनना महत्वपूर्ण है।”
विपक्ष की प्रतिक्रिया:
“अहंकार की हद”कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, “रिजिजू जी, पीएम से सीखा है तो पहले फेक वीडियो फैलाना बंद करें। विपक्ष राष्ट्रीय हित की बात करता है, आपकी सरकार ही मुद्दों से भाग रही है। यह नसीहत नहीं, अहंकार है।
बीजेपी का पक्ष:
“राष्ट्रीय हित की अपील”बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “रिजिजू जी ने सही कहा। पीएम मोदी की शैली से सबको सीखना चाहिए। विपक्ष को राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय मुद्दों पर साथ देना चाहिए।” पार्टी का दावा है कि यह बयान “लोकतंत्र को मजबूत करने” की दिशा में है, न कि किसी हमले का।