
नई दिल्ली/कच्छ। भारत ने अपनी पश्चिमी सीमा पर ‘एक्सरसाइज त्रिशूल’ नामक अपने सबसे बड़े संयुक्त त्रि-सेवा अभ्यास की शुरुआत कर दी है। यह अभ्यास 30 अक्टूबर 2025 को गुजरात के कच्छ रण क्षेत्र, विशेष रूप से सर क्रीक इलाके में शुरू हुआ और 10 नवंबर तक चलेगा।
जानकारी के अनुसार भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की लगभग 15,000 से अधिक सैनिकों की टुकड़ियां इसमें हिस्सा ले रही हैं। यह अभ्यास न केवल संचालनात्मक तैयारी को मजबूत करेगा, बल्कि पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश भी देगा कि भारत किसी भी उकसावे का कड़ा जवाब देने को तैयार है।
अभ्यास की शुरुआत और पृष्ठभूमि’एक्सरसाइज त्रिशूल’ का शुभारंभ 30 अक्टूबर को गुजरात के कच्छ जिले के रण ऑफ कच्छ और सर क्रीक क्षेत्र में हुआ, जो पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ विवादित इलाका है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में महाराष्ट्र के महाबलेश्वर का उल्लेख था, लेकिन आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, मुख्य फोकस गुजरात-राजस्थान सीमा पर है, जहां रेगिस्तानी, दलदली और समुद्री इलाकों में बहु-क्षेत्रीय अभ्यास हो रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (मई 2025 में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक हवाई कार्रवाई) के बाद पहला बड़ा त्रि-सेवा युद्धाभ्यास है, जो अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में सर क्रीक क्षेत्र में किसी भी गलत हरकत के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी दी थी।
अभ्यास का उद्देश्य त्रि-सेवा एकीकरण को मजबूत करना, कमांड एंड कंट्रोल व्यवस्था को परखना और बहु-क्षेत्रीय युद्ध (मल्टी-डोमेन वॉरफेयर) में क्षमताओं का परीक्षण करना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह रूटीन अभ्यास है, लेकिन इसकी स्केल, जटिलता और क्षेत्रफल अभूतपूर्व है। हम हर साल ऐसा एक बड़ा त्रि-सेवा युद्धाभ्यास करते हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के सबक को लागू करने के लिए यह विशेष महत्वपूर्ण है।
भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त टुकड़ियां। थलसेना ने एक डिवीजन तैनात किया है, जिसमें टैंक, सशस्त्र हेलीकॉप्टर और मिसाइल बैटरी शामिल हैं। नौसेना ने फ्रिगेट, डिस्ट्रॉयर और एम्फीबियस युद्ध के लिए MARCOS (मरीन कमांडो) तैनात किए हैं। वायुसेना में राफेल, सुखोई-30एमकेआई, विशेष विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, आईएल-78 मिड-एयर रिफ्यूलर और एडवांस्ड एयरवेवरिंग एंड कंट्रोल (AEW&C) एयरक्राफ्ट शामिल हैं।