February 1, 2026

छठी मैया की पूजा को “ड्रामा” और “नौटंकी” बताने का लगाया आरो

  • आरजेडी का मतलब ‘कट्टा, क्रूरता, कुशासन का जंगलराज- पीएम मोदी

    मुजफ्फरपुर, 30 अक्टूबर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुजफ्फरपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) पर जोरदार हमला बोला।

    छठ महापर्व के ठीक बाद आयोजित इस रैली में पीएम ने विपक्ष पर छठी मैया की पूजा को “ड्रामा” और “नौटंकी” बताने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का अपमान है। उन्होंने विपक्ष के पुराने बयानों का हवाला देते हुए अपनी मां के अपमान पर भी भावुक हो गए और बिहार की जनता से एनडीए को फिर से सत्ता में लाने की अपील की।

    मुजफ्फरपुर के टेम्पो स्टैंड मैदान में हजारों की भीड़ जमा हुई, जहां पीएम मोदी ने दोपहर करीब 12 बजे पहुंचकर अपनी रैली शुरू की। यह उनका छठ पूजा के बाद बिहार का पहला दौरा था।
    रैली में स्थानीय सांसद राजभूषण चौधरी, विधायक सुर्यकांत यादव और अन्य एनडीए नेताओं ने उनका स्वागत किया। पीएम ने लगभग 45 मिनट का भाषण दिया, जिसमें विकास, संस्कृति और विपक्ष पर हमले के साथ-साथ बिहार की “मीठी बोली” और परंपराओं की सराहना की।

    पीएम ने सबसे पहले छठ महापर्व पर नजर डालते हुए कहा, “छठ पूजा के बाद यह मेरी पहली सार्वजनिक रैली है। बिहार का गौरव बढ़ाना, यहां की मीठी बोली और संस्कृति को दुनिया के कोने-कोने तक ले जाना, बिहार का विकास करना ही एनडीए और भाजपा की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”

    फिर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा।छठी मैया पर हमला: “ड्रामा और नौटंकी” का आरोपपीएम मोदी ने आरजेडी-कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “कांग्रेस और आरजेडी छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। वे छठी मैया की पूजा को एक नाटक और नौटंकी बता रहे हैं।

    क्या चुनाव में वोट पाने के लिए कोई छठी मैया का अपमान कर सकता है? क्या ऐसा अपमान बिहार सहेगा? क्या हिंदुस्तान सहेगा? जो माताएं निर्जला उपवास करती हैं, गंगा-कोसी जैसी नदियों में खड़ी होकर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं, वो आरजेडी-कांग्रेस की नजर में ड्रामा कर रही हैं।

    क्या बिहार की माताएं-बहनें छठी मैया का ये अपमान बर्दाश्त करेंगी?”उन्होंने भावुक लहजे में जोड़ा, “आरजेडी-कांग्रेस के लोग कितनी बेशर्मी से बोल रहे हैं। उनके लिए छठी मैया की पूजा नौटंकी है, ड्रामा है।

    ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए या नहीं? क्या ऐसा अपमान बिहार, हिंदुस्तान और मेरी माताएं सह सकती हैं?”

    पीएम ने छठ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल करने का आह्वान भी किया और कहा कि वे खुद इस दिशा में प्रयासरत हैं।मां के अपमान पर इमोशनल अपील: “मां को गाली नहीं सहेगा बिहार”रैली के दौरान पीएम मोदी पुराने विवाद को फिर से उछालते हुए भावुक हो गए। उन्होंने सितंबर 2025 में दरभंगा की एक रैली में आरजेडी-कांग्रेस के मंच से अपनी दिवंगत मां हीराबेन को दी गई कथित “भद्दी गालियों” का जिक्र किया। कहा, “मां को गाली देने वालों को मोदी तो माफ कर देगा, लेकिन मां का अपमान भारत की धरती कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

    कांग्रेस और आरजेडी को सात बहिनी और छठी मैया से माफी मांगनी चाहिए।”पीएम ने इसे व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक अपमान बताया: “ये गालियां सिर्फ मेरी मां का अपमान नहीं, बल्कि देश की हर मां-बहन-बेटी का अपमान है। मेरी मां का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था, तो उन्होंने उनके लिए अपशब्द क्यों कहे? जिस बिहार की धरती पर गंगा, गंडकी, कोसी जैसी नदियों को मैया कहकर पूजा जाता है, वहां मातृत्व का अपमान असहनीय है।”

    उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (आदिवासी बेटी) के अपमान का भी आरोप लगाया।पीएम ने भीड़ से नारा लगवाया: “मां को गाली नहीं सहेंगे, इज्जत पर वार नहीं सहेंगे, कांग्रेस-आरजेडी का अत्याचार नहीं सहेंगे। नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे!” ।

    विपक्ष पर अन्य आरोप: “कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन”पीएम ने महागठबंधन को “5K” से जोड़ा: “राजद-कांग्रेस की पहचान कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन से है। इन्होंने बरसों बिहार पर राज किया, लेकिन सिर्फ विश्वासघात दिया।

    ऐसे लोग कभी बिहार का भला नहीं कर सकते।” उन्होंने एनडीए सरकार के विकास कार्यों का जिक्र किया, जैसे जीविका निधि के तहत 105 करोड़ रुपये का ट्रांसफर और बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना।पीएम ने कहा, “जब भारत समृद्ध था, आर्थिक रूप से, ज्ञान-विज्ञान की सबसे ऊंची उड़ान भर रहा था, तब बिहार इसका केंद्र था।

    एनडीए फिर से बिहार को वह ऊंचाई देगा।”रैली का प्रभाव और प्रतिक्रियारैली में उपस्थित महिलाओं और युवाओं ने खासा उत्साह दिखाया। एनडीए समर्थकों का मानना है कि यह भावनात्मक अपील विपक्ष को कमजोर करेगी।

    आरजेडी का मतलब ‘कट्टा, क्रूरता, कुशासन का जंगलराज

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला बोला और उस पर बिहार को “जंगल राज” के युग में धकेलने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि राजद का शासन “कट्टा (बंदूक), क्रूर (क्रूरता), कटुता (कड़वाहट), कुशासन (कुशासन) और भ्रष्टाचार” से भरा रहा है। उन्होंने लोगों से ऐसी राजनीति को नकारने और आगामी विधानसभा चुनावों में विकास और स्थिरता का समर्थन करने का आग्रह किया।

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