February 1, 2026

आरएलपी के सातवें स्थापना दिवस पर बीकानेर में दिखाई ताकत

बीकानेर,29 अक्टूबर। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने बुधवार को बीकानेर के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में अपने सातवें स्थापना दिवस पर भव्य शक्ति प्रदर्शन किया। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान के इस विशाल मैदान पर लाखों की संख्या में कार्यकर्ता, किसान, युवा और महिलाएं उमड़ पड़े, जो बीकानेर के साथ-साथ जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, चूरू और अन्य जिलों से पहुंचे थे।

यह सभा न केवल पार्टी की मजबूती का प्रतीक बनी, बल्कि आगामी पंचायती राज और विधानसभा चुनावों में आरएलपी की मजबूत पैठ का संकेत भी दे गई।सुबह से ही सभा स्थल पर उत्साह का दौर चल रहा था। नागौर से बीकानेर के रास्ते में पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया और हनुमान बेनीवाल के पहुंचने से ठीक एक घंटे पहले मैदान खचा खच भर गया। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर वर्ग में दीवानगी झलक रही थी।

मंच पर पहुंचते ही हनुमान बेनीवाल ने केक काटकर स्थापना दिवस की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर सीधा हमला बोला। बेनीवाल ने कहा, “लोग कहते थे कि वसुंधरा मुझे कुचल देंगी, लेकिन हुआ उल्टा। तब मेने कहा था कि में उसे सात समंदर पार भेज दूंगा। आज मेने उन्हें वही भेज दिया है। आरएलपी जनता की ताकत से बनी है और जनता की ताकत से ही आगे बढ़ेगी।”

उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने जवानी संघर्ष के नाम कर दी, और अब यह ‘आखिरी लड़ाई’ होगी – किसानों, युवाओं और गरीबों के हक के लिए।बेनीवाल ने वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार पर भी कड़ा प्रहार किया।
उन्होंने कहा, “राजस्थान की कानून व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। जैसलमेर में बीकानेर के व्यापारियों की हत्या, कलेक्टर आवास के पास जज के साथ लूट और बिलाड़ा में बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं साबित करती हैं कि सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। अब अपराधियों का एनकाउंटर ही एकमात्र समाधान बचा है।
” उन्होंने पेपर लीक, भर्ती घोटालों और अग्निवीर योजना का भी जिक्र किया, घोषणा की कि आरएलपी इन मुद्दों पर बड़े आंदोलन करेगी।भविष्य की रणनीति: तीसरा विकल्प बनकर उभरने का संकल्प सभा में बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि आरएलपी राजस्थान में बीजेपी-कांग्रेस के ‘आंतरिक गठबंधन’ के खिलाफ तीसरा मजबूत विकल्प बनेगी।

उन्होंने कहा, “75 सालों से ये दोनों पार्टियां राजस्थान के भोले-भाले लोगों को ठगती रही हैं। मूलभूत सुविधाओं के साथ कुठाराघात किया है। अब बदलाव होगा, परिवर्तन होगा। आरएलपी आम आदमी की साथी बनेगी।” पार्टी ने जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, चूरू जैसे जिलों में पूरी ताकत से चुनाव लड़ने की योजना का ऐलान किया। हालिया खींवसर उपचुनाव में हार के बावजूद बेनीवाल ने कहा, “मुझे खींवसर की नहीं, पूरे राजस्थान की रखवाली करनी है। हम कमजोर नहीं हैं।

“मंच पर पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल, कनिका बेनीवाल और अन्य नेता मौजूद रहे। सभा में एससी, जाट और अल्पसंख्यक समुदायों पर विशेष फोकस रहा, जो पार्टी की रणनीति का हिस्सा है।

जनसैलाब में छिपा संदेश :

संघर्ष की नई शुरुआत बीकानेर की इस महारैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हनुमान बेनीवाल का पश्चिमी राजस्थान में गहरा प्रभाव है। बुजुर्गों के आशीर्वाद और युवाओं की दीवानगी दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सभा आरएलपी के लिए पुनरुद्धार का संकेत है, खासकर 2023 विधानसभा चुनावों में मिली आंशिक सफलता और उसके बाद की गिरावट के बाद। पार्टी ने 2018 में जयपुर रैली से शुरुआत की थी, और आज सात साल बाद बीकानेर से नई ऊर्जा मिली है।यह आयोजन न केवल स्थापना दिवस का उत्सव था, बल्कि राजस्थान की सियासत में एक नई हुंकार भी है।

रामेश्वर डूडी को किया याद

बेनीवाल ने किसान नेता और पूर्व सांसद रामेश्वर डूडी को सभा में याद करते हुए कहा कि उनकी कांग्रेस में दिल्ली तक पकड़ थी। ऐसे में उनके जाने से बड़ा नुकसान राजस्थान को हुआ है। उनका जाना दुखद है ,लेकिन ईश्वर के आगे हम नतमस्तक है।

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