
सिडनी/मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के वनडे उप-कप्तान श्रेयस अय्यर की स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच (25 अक्टूबर) के दौरान लगी गंभीर स्प्लीन (तिल्ली) चोट के बाद सिडनी के अस्पताल में भर्ती हुए अय्यर अब आईसीयू से बाहर आ चुके हैं और सामान्य वार्ड में हैं।
बीसीसीआई ने मंगलवार को जारी मेडिकल अपडेट में बताया कि दोबारा स्कैन में महत्वपूर्ण सुधार दिखा है, और वे रिकवरी के रास्ते पर हैं। सर्जरी की बजाय एक विशेष प्रक्रिया से उनका इलाज किया गया, जिससे रिकवरी तेज हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज (नवंबर 2025) से पहले ही टीम में लौट सकते हैं।
चोट कैसे लगी: सिडनी में डाइविंग कैच का डरावना हादसाश्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) पर भारत-ऑस्ट्रेलिया तीसरे वनडे के दौरान चोट लगी। मैच के 32वें ओवर में, वे बैकवर्ड पॉइंट पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलेक्स कैरी का शानदार डाइविंग कैच लेने के लिए पूरी ताकत से डुबकी लगाई। कैच तो पूरा हो गया, लेकिन लैंडिंग के दौरान उनका बायां निचला पसलू (रिब केज) जमीन पर जोरदार तरीके से टकराया। दर्द से कराहते हुए वे मैदान पर गिर पड़े, और फिजियो की मदद से उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अय्यर को तुरंत स्ट्रेचर पर ले जाया गया। मैच के बाद स्कैन से पता चला कि स्प्लीन में लैकेरेशन (फटाव) हो गया है, जिससे आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) शुरू हो गया। उनके विटल्स (ब्लड प्रेशर, हृदय गति) अचानक गिर गए, जो जानलेवा साबित हो सकता था।
बीसीसीआई ने बयान जारी कर कहा: “श्रेयस को 25 अक्टूबर को सिडनी में फील्डिंग के दौरान बाएं निचले रिब केज में इम्पैक्ट इंजरी लगी। स्कैन में स्प्लीन में लैकेरेशन और इंटरनल ब्लीडिंग का पता चला। वे इलाजाधीन हैं, मेडिकली स्थिर हैं और अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं।
“इलाज और रिकवरी का सफर:
आईसीयू से सामान्य वार्ड तकचोट के तुरंत बाद अय्यर को सिडनी के सेंट विंसेंट अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने सर्जरी की बजाय एक न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया (संभवतः एंबोलाइजेशन) अपनाई, जिसमें रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए स्प्लीन की रक्त वाहिकाओं को ब्लॉक किया गया। यह तरीका पारंपरिक सर्जरी से कम जोखिम वाला है और रिकवरी को तेज करता है।
बीसीसीआई ने कहा, “श्रेयस रिकवरी के रास्ते पर हैं।” टीम डॉक्टर डॉ. रिजवान खान सिडनी में ही उनके साथ हैं, जबकि बाकी टीम टी20 सीरीज के लिए कैनबरा पहुंच चुकी है।
29 अक्टूबर: अपडेट के अनुसार, अय्यर अब फोन पर टीम के साथ बात कर रहे हैं। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, “फोन पर बात हो रही है… वे बिल्कुल ठीक हैं। रिस्पॉन्ड कर रहे हैं, जो अच्छा संकेत है।”
अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार, स्प्लीन चोट आमतौर पर 4-6 सप्ताह में ठीक हो जाती है, लेकिन अय्यर की फिटनेस और युवा उम्र (30 वर्ष) से रिकवरी तेज हो रही है। बीसीसीआई के मेडिकल टीम ने भारत के विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया है।