
नई वेतन संरचना जल्द होगी लागू
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने 8वे केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले से लगभग 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने जनवरी में 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी थी । वित्त मंत्रालय ने आज इसकी अधिसूचना जारी की, जिसमें आयोग की कार्यप्रणाली, समयसीमा और दायरे को स्पष्ट किया गया है।
क्या है 8वां वेतन आयोग?
केंद्रीय वेतन आयोग हर 10 साल में गठित किया जाता है, जो सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करता है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था।अब 8वां आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की संभावना है।
मुख्य बिंदु:
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| लाभार्थी | 50 लाख कर्मचारी + 69 लाख पेंशनभोगी (कुल 1.19 करोड़) |
| प्रभावी तिथि | संभावित: 1 जनवरी 2026 |
| अध्यक्ष | अभी घोषित नहीं (जल्द नियुक्ति होगी) |
| समयसीमा | 18 महीने में रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य |
| मुख्य कार्य | वेतन वृद्धि, DA संरचना, पेंशन सुधार, भत्ते, फिटमेंट फैक्टर |
कर्मचारियों की उम्मीदें -:
- फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि (वर्तमान: 2.57 → अपेक्षित: 3.0 से 3.68)
- महंगाई भत्ता (DA) की नई गणना पद्धति
- HRA, TA, बच्चों की शिक्षा भत्ता में बढ़ोतरी
- पेंशनर्स के लिए न्यूनतम पेंशन में सुधार
- NPS vs OPS पर नीतिगत निर्णय
आर्थिक प्रभाव-:
- कुल खर्च: अनुमानित ₹1 लाख करोड़ प्रति वर्ष (वेतन + पेंशन)
- राजकोषीय बोझ: वित्त मंत्रालय ने बजट में प्रावधान शुरू करने का संकेत दिया
- महंगाई दर को आधार बनाकर वेतन निर्धारण
सरकार का बयानवित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा-:
“8वां वेतन आयोग समय पर गठित किया जा रहा है। यह कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करेगा। आयोग को आधुनिक आर्थिक परिदृश्य, डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक मानकों को ध्यान में रखने को कहा गया है।”
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया-:
- राष्ट्रीय परिषद (JCM) ने स्वागत किया, लेकिन तत्काल अंतरिम राहत (Interim Relief) की मांग की।
- कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयीज़ ने कहा: “10 साल बाद आयोग आया, लेकिन महंगाई ने पहले ही वेतन खा लिया। फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.68 होना चाहिए।”
अगले कदम-:
- अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति (नवंबर 2025 तक)
- विभागों से सुझाव आमंत्रण (दिसंबर 2025)
- रिपोर्ट जमा: जून 2027 तक
- लागूकरण: जनवरी 2026 से रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव (संभावित)