
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2025 । भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देशभर में मतदाता सूचियों को अधिक सटीक, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की ।
‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण
‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया बिहार में पहले चरण की अपार सफलता के बाद विस्तारित की जा रही है, जहां विशेष रूप से आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूचियों की शुद्धिकरण पर जोर दिया गया है।
SIR क्या है और क्यों जरूरी ?
SIR एक विशेष अभियान है जो मतदाता सूचियों में नामों के जोड़ने, हटाने, संशोधन और सत्यापन की प्रक्रिया को गहनता से करता है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी वोटरों को हटाना, नए मतदाताओं (विशेषकर युवाओं और महिलाओं) को शामिल करना, तथा डिजिटल मैपिंग और लिंकिंग-मैचिंग के माध्यम से सूचियों को पारदर्शी बनाना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया 21 साल बाद देशव्यापी स्तर पर चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। बिहार में पहले चरण (जो 24 जून 2025 से शुरू हुआ था) में 7.5 करोड़ मतदाताओं का 70% से अधिक डिजिटल सत्यापन हो चुका है, और वहां ‘जीरो अपील’ दर्ज हुई, जिसे आयोग ने “पारदर्शिता और दक्षता का प्रमाण” बताया है।CEC ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बिहार के 7.5 करोड़ मतदाताओं को धन्यवाद। हमने सभी 36 राज्यों और UTs के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ दो बैठकें की हैं।
SIR का दूसरा चरण बिहार मॉडल को आगे बढ़ाने का प्रयास है, ताकि सभी जगह साफ-सुथरी और समावेशी वोटर लिस्ट तैयार हो सके।” उन्होंने छठ पर्व के लिए भी बिहारवासियों को शुभकामनाएं दीं।किन 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होगा SIR?आयोग ने स्पष्ट रूप से 12 इकाइयों की सूची जारी की है, जहां यह प्रक्रिया लागू होगी। इनमें विधानसभा चुनावों की तैयारी वाले राज्य प्राथमिकता में हैं ।
इनमें विधानसभा चुनावों की तैयारी वाले राज्य प्राथमिकता में हैं।सूची इस प्रकार है:
| क्रमांक | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश |
|---|---|
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
| 2 | छत्तीसगढ़ |
| 3 | गोवा |
| 4 | गुजरात |
| 5 | केरल |
| 6 | लक्षद्वीप |
| 7 | मध्य प्रदेश |
| 8 | पुडुचेरी |
| 9 | राजस्थान |
| 10 | तमिलनाडु |
| 11 | उत्तर प्रदेश |
| 12 | पश्चिम बंगाल |
ये राज्य लगभग 51 करोड़ मतदाताओं को कवर करेंगे। आयोग ने असम को इस चरण से बाहर रखा है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनावों (असम, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी) को ध्यान में रखते हुए इन राज्यों में प्राथमिकता दी गई है। बिहार पहले चरण में शामिल था, इसलिए यह सूची उसके अतिरिक्त है।SIR प्रक्रिया का शेड्यूल और कैसे होगा संचालन?फ्रीजिंग ऑफ वोटर लिस्ट: 27 अक्टूबर 2025 रात 12 बजे से इन 12 इकाइयों की मतदाता सूचियां फ्रीज हो जाएंगी। इस दौरान नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन पर रोक लगेगी।
शुरुआत: प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगी।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट: 9 दिसंबर 2025 को जारी होगी।
फाइनल इलेक्टोरल रोल: 7 फरवरी 2026 को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सत्यापन प्रक्रिया: बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तीन बार घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। डिजिटल मैपिंग, आधार-लिंकिंग और मैचिंग पर जोर होगा। नए वोटरों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण को प्रोत्साहित किया जाएगा।
अपील प्रक्रिया:पहली अपील: BLO के निर्णय के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास।
दूसरी अपील: DM के फैसले के विरुद्ध राज्य/UT के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास। आयोग ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।